*“खाने के रुपये ले लिए थे, इसलिए टीन शेड तो गिरेगा ही”*
*स्टेशन रोड पर चला अतिक्रमण हटाओ अभियान*
जालौन :०उरई नगर में सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को अभियान की बारी स्टेशन रोड की थी, जहां बुलडोजर और नगर पालिका की टीम के साथ सख्ती से कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान जिन अतिक्रमणकारियों की ऊपर तक पहुंच नहीं थी, उनके चालान काटे गए, जबकि कुछ को मोहलत दी गई। वहीं कुछ लोगों ने फोनबाजी के जरिए खुद को कार्रवाई से बचा लिया, जिससे अभियान की निष्पक्षता पर सवाल भी खड़े हुए। सिटी मजिस्ट्रेट ने कड़क रुख अपनाते हुए पालिका कर्मचारियों को चालानी रसीद कट्टे थमा दिए और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी को बख्शा न जाए। स्टेशन रोड पर आधा दर्जन अतिक्रमणकारियों पर 10-10 हजार रुपये का चालान करने के निर्देश दिए गए, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट के आगे बढ़ते ही कुछ मामलों में यह चालान 2 से 3 हजार रुपये में बदल दिए गए। एक होटल के बाहर रखे बड़े जनरेटर हटाने और जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए, लेकिन थोड़ी देर बाद फोन वार्ता के चलते उस अतिक्रमण को नजरअंदाज कर दिया गया। अभियान के दौरान सबसे दिलचस्प दृश्य उस समय सामने आया जब पालिका की टीम ने उसी दुकानदार की चाय पी, जिसकी दुकान पर कार्रवाई चल रही थी। इसी बीच पालिका के एक जिम्मेदार अधिकारी की नजर स्टेशन रोड स्थित सबसे पुराने “बेड़ा होटल” पर पड़ी। अधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट से कहा— “साहब, एक दिन इस होटल वाले ने खाने के रुपये ले लिए थे, इसका टीन शेड तो जरूर गिरना चाहिए।” इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने मुस्कराते हुए जवाब दिया— “यार, खाना खाओगे तो रुपये तो देने ही पड़ेंगे।” यह सुनते ही अधिकारी शांत हो गए, लेकिन टीन शेड हटाने की जिद बनी रही। करीब आधे घंटे तक अधिकारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर डटे रहे, जब तक होटल संचालक ने स्वयं टीन शेड नहीं हटा लिया। वहीं मोहन चाय वाले का टीन शेड एक कर्मचारी की सिफारिश पर छोड़ दिया गया। अभियान में दिखी सख्ती के साथ-साथ चयनात्मक कार्रवाई ने नगर में चर्चाओं को भी जन्म दे दिया है।