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खुले में कचरा डंपिंग और बंद पड़े MRF सेंटर पर प्रशासन सख्त, छावनी परिषद ने बताया नगर निगम का मामला

ByNeeraj sahu

Mar 10, 2026
खुले में कचरा डंपिंग और बंद पड़े MRF सेंटर पर प्रशासन सख्त, छावनी परिषद ने बताया नगर निगम का मामला
झांसी, 09 मार्च 2026
झांसी छावनी क्षेत्र में रिसाला चुंगी से मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर तक जाने वाली मुख्य सड़क पर खुले में कचरा डंपिंग का गंभीर मामला सामने आया है। सड़क किनारे प्लास्टिक, पॉलीथीन और अन्य ठोस कचरे के ढेर लगने से पर्यावरण के साथ-साथ बेजुबान पशुओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
इस संबंध में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ता नरेन्द्र कुशवाहा ने 1 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि रिसाला चुंगी से MRF सेंटर तक का मार्ग कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है। शिकायत में कहा गया कि यहां पड़े प्लास्टिक और जहरीले कचरे को खाकर गाय व अन्य पशु बीमार हो रहे हैं, जो पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 का उल्लंघन है। शिकायतकर्ता नरेंद्र कुशवाहा ने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए झांसी छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO) अभिषेक आजाद ने 7 मार्च को अपनी रिपोर्ट जारी कर स्थिति स्पष्ट की। रिपोर्ट के अनुसार रिसाला चुंगी के पास रखा गया MRF कंटेनर छावनी परिषद का नहीं, बल्कि नगर निगम का है। परिषद ने इस संबंध में नगर निगम को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सेना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कच्चे रास्तों की सफाई के लिए परिषद द्वारा 15 दिनों के भीतर कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही ट्रेंचिंग ग्राउंड के गेट के खुले रहने से पशुओं के प्रवेश की बात स्वीकार करते हुए भविष्य में इसे रोकने के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायतकर्ता नरेंद्र कुशवाहा का कहना है कि विभागों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा पर्यावरण और बेजुबान पशुओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में ले जाया जाएगा।
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