*जालौन से एक बड़ी और बेहद संवेदनशील खबर सामने आ रही है*
*15 साल बाद ‘दीन मोहम्मद’ फिर बना गोपी अहिरवार,*
*जबरन धर्म परिवर्तन और संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप*
जालौन जिले में जबरन धर्म परिवर्तन के एक गंभीर मामले में अब पुलिस ने औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक जालौन डॉ. दुर्गेश कुमार के निर्देश पर उरई कोतवाली में मुस्लिम महिला रेशमा पत्नी अहसान अली के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला कालपी तहसील के ग्राम मिनौरा के मूल निवासी गोपी अहिरवार से जुड़ा है, जो वर्तमान में उरई कोतवाली क्षेत्र के बघौरा बाईपास के पास रहते हैं। पीड़ित का आरोप है कि करीब 15 वर्ष पूर्व उसे धोखाधड़ी, दबाव और धमकी के जरिए जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। गोपी अहिरवार के अनुसार, उसकी दो बीघा जमीन लगभग 10 लाख रुपये में बेची गई थी, जिसकी आधी रकम—करीब पांच लाख रुपये—उसे मिली थी। आरोप है कि इसी धनराशि को लेकर आरोपी महिला ने उसे अपने प्रभाव में लिया और पूरी रकम हड़प ली। पीड़ित का कहना है कि इसके बाद उसे हरियाणा के फरीदाबाद ले जाया गया, जहां उसका नाम गोपी अहिरवार से बदलकर ‘दीन मोहम्मद’ कर दिया गया और डर व दबाव में मुस्लिम बनाकर रखा गया। गोपी अहिरवार का आरोप है कि यदि वह अपने मूल धर्म में लौटने या किसी से शिकायत करने की बात करता था, तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इसी भय के कारण वह वर्षों तक चुप रहा और मानसिक, सामाजिक पीड़ा झेलता रहा। पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि आज भी उसके सभी सरकारी दस्तावेजों में उसका नाम गोपी अहिरवार दर्ज है और वह स्वयं को हिंदू मानता है। उसने प्रशासन से सुरक्षा और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 351(3) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3 व 5(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी महिला की तलाश में जुट गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और गंभीरता से की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सामने आने के बाद जालौन जिले में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। पुलिस का साफ कहना है कि किसी भी तरह के जबरन धर्म परिवर्तन को कानून के तहत बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।