एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और कोतवाली उरई की संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई, 81 किलो से अधिक गांजा बरामद, दो भाई गिरफ्तार
जालौन जिले में नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी चोट की है। उरई कोतवाली पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने 81 किलो से अधिक अवैध गांजा बरामद करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी जा रही है।
मामला उरई कोतवाली क्षेत्र का है, जहां मंगलवार को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर उरई कोतवाली पुलिस और बाहर से आई एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने इकलाशपुरा चौराहे के पास चेकिंग अभियान चलाया।
इसी दौरान एक संदिग्ध अल्टो कार को रोका गया। पुलिस को देखते ही कार सवार दोनों युवक भागने लगे, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने कार से 81 किलो 824 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। इसके साथ ही एक अल्टो 800 कार नंबर UP92 AM 1146 और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अंकुर उर्फ पवन शिवहरे और श्याम शिवहरे के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर महंगे दामों में बेचते थे।
इससे होने वाली कमाई को शौक-मौज और अपने पुराने मुकदमों की पैरवी में खर्च करते थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अंकुर शिवहरे के खिलाफ कुल छह मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से दो एनडीपीएस एक्ट के तहत हैं। वहीं श्याम शिवहरे के खिलाफ तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
अवधेश कुमार सिंह, सीओ कालपी द्वारा बताया गया
“उरई कोतवाली पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की संयुक्त टीम द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक कार से करीब 81 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं और गांजा तस्करी में लिप्त थे। इनके खिलाफ पहले से मुकदमे दर्ज हैं। नियमानुसार कार्रवाई कर दोनों को जेल भेजा जा रहा है।”
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। जालौन पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।