*मासूम कंधों पर जिम्मेदारियों का बोझ लेकर निकल पड़े है रोजगार को अंकित :-रिपोर्ट-रविकांत द्विवेदी, जालौन*
अपने मासूम कंधों पर मां और बहन के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए सुबह से साइकिल लेकर निकल पड़े है मासूम कंधे।
मासूम अंकित का कहना है कि उसके पिता की मृत्यु के बाद परिवार में वही बड़ा है और कोई दूसरा सहारा नहीं है।
इसलिए वह साइकिल पर सामान लादकर सुबह से कस्बे, गांव में फेरी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है।
जनपद औरैया के दिवियापुर के रहने वाले जो कि इस समय जालौन में किराए के मकान में रहता है और कक्षा 5 में पढ़ने वाले अंकित ने बताया कि वह पढाई के साथ साथ सुबह शाम फेरी लगाकर अपनी मां और बहन का भरण-पोषण करता है।