कौन है वो महान व्यक्ति जो अपने कृतित्व से समर सत्ता का संदेश देकर देश के भाईचारे और सामंजस्य का प्रयास कर रहे है——– ऐसे ही क्षेत्र के गौरव के रूप में विख्यात दीप नारायण सिंह गरौठा क्षेत्र के पूर्व विधायक जहां विभिन्न क्षेत्रों में अपने विशिष्ट कार्यों के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं 1001 सर्व जातियों जनों के कन्यादान कर स्वयं में अनेकता में एकता की जीती जागती मिसाल है। पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव क्यों बने चर्चा का विषय—-आज ऐसे समय में जहां लोग बहिनों को तवज्जो न देकर बहिनो से मुंह मोड़कर एक बहिन से रिश्ता नहीं निभा पाते हैं। वही बुंदेलखंड के लगभग क्षेत्रों के हर गांव से जिसकी एक बहिन हो और वह भी हर एक रक्षाबंधन पर अपनी बहिन से रक्षासूत्र बंधवाकर अपनी बहिन की रक्षा करने का वादा अपनी बहिनों से करता हो और उससे भी बड़ी बात यह है कि लगभग 1001 बहनों से रक्षासूत्र बंधवाकर सभी बहिनों को उपहार स्वरूप भेंट प्रदान कर विदा करते हैं। आखिर पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव की कैसे बनी इतनी बहिनें—— पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव लगभग सन 2004 से अब तक हर बर्ष कभी 51 कभी 101 कभी 151 प्रतिवर्ष क्षेत्र के असहाय परिवारों को संबल प्रदान कर बेटियों के हाथ पीले कर विवाह कर सुर्खियों में रहे दीपक यादव की आज लगभग 1001 सर्वजातीय बहनें हैं। जो प्रतिवर्ष रक्षाबंधन पर उन्हें रक्षासूत्र बांधने आती हैं। बुंदेलखंड में विधायक तो बहुत होंगे। लेकिन जिनके ऊपर 1001 बहनों का आशीर्वाद हो वह सिर्फ बुंदेलखंड के एक मात्र पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव ही है। कहाँ और कौन है बहिनें———-इनमें मोठ समथर गुरसराय, गरौठा, चिरगाॅव, निवाड़ी में प्रतिवर्ष आयोजित सर्वजातीय विवाह समारोह में कायस्थ साहू यादव राजपूत कुशवाहा पाल नामदेव खटीक मुस्लिम प्रजापति अहिरवार बाल्मीक बंशकार आदि विभिन्न जातियों की लगभग 1001 बहिने है। प्रतिवर्ष की भाॅति इस बर्फ भी गरौठा विधायक विधायक दीप नारायण सिंह यादव द्वारा अनोखे रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है——–ऐसा ही अनोखा रक्षाबंधन इस बार निवाड़ी में नवीन गल्ला मंडी स्थल पर 28 अगस्त को मनाया जा रहा है। संयोजक दीपनारायण सिंह ने इस आयोजन के संबंध में बताया कि सभी बहनों को आमंत्रण देने के साथ क्षेत्रवासियों को भी कार्यक्रम में पधारने के लिए आमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। कार्यक्रम के लिए विभिन्न कमेटी बनाई गई है। उनका सभी से आग्रह है कि समस्त क्षेत्रवासी इस पर्व पर उपस्थित होकर बहनों को आशीर्वाद प्रदान करें। विदित हो कि वर्तमान समय में जातिगत धर्म गत विद्वेष समाज में के रूप में फैलाएं इस समय इस प्रकार के आयोजन जिसमें विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग एक मंडप के नीचे भाई चारे के साथ भोजन करते हैं। सामाजिक समरसता के लिए निश्चित ही अनोखा परिदृश्य होगा। गांव-गांव में इस कार्यक्रम की चर्चा की जा रही है तथा लोग बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं ।
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