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मेरठ की महिला पहलवानों एवं दिव्यांग ने दिखाएं कुश्ती के दावपेच और निशानेबाजी प्रतियोगिता :रि.-विनोद साहू

मेरठ की महिला पहलवानों एवं दिव्यांग ने दिखाएं कुश्ती के दावपेच और निशानेबाजी प्रतियोगिता :रि.-विनोद साहू

बुन्देलखंड में झांसी जिले के बरुआसागर कस्बे में रक्षाबंधन के पर्व पर कई वर्षों से से चली आ रही प्रथा नगर पालिका परिषद बरुआसागर के तत्वाधान में राज्यस्तरीय दंगल और निशानेबाजी प्रतियोगिता आयोजित हुई। जिसमें झांसी समेत कई अन्य राज्यों से भी पहलवानों ने कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया विजेताओ को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

रक्षा बंधन पर्व पर झांसी के बरुआसागर कस्बे में स्थित किले के समीप तालाब बांध पर नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि ओमी कुशवाहा की मौजूदगी में सर्वप्रथम राईफल प्रतियोगिता हुई प्रतियोगिता में 25 लोगों ने भाग लिया जिसमें सुशांत नाम के व्यक्ति ने , तालाब के अंदर डले हुए घड़े पर निशाना लगाया और प्रथम स्थान हासिल किया

इसके बाद तालाब बांध के नजदीक दंगल आयोजित हुआ जिसमें झांसी समेत हरियाणा, मेरठ, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत ,अन्य स्थानों से पहलवानों ने भाग लिया । दंगल प्रतियोगिता को देखने के लिए बरुआसागर समेत दूर-दूर से लोग पहुंचे थे। दंगल में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बरुआसागर और सकरार थाने की पुलिस बल को लगाया था । जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी।

प्रतियोगिता में दिव्यांग पहलवान दीपक यादव ने भी भाग लिया था। जिसमें उन्होंने जीत हासिल की थी। इसी प्रकार दंगल में चार लड़किया भी शामिल हुई थी। इनमें मेरठ से मनु तोमर, नीतू शर्मा, हेमलता और निधि शामिल हुई । इसके अलावा पुरुषों में नीतेश, शालिग, शिवम, 12 वर्षीय आशुतोष शैतान समेत कई ने जीत हासिल कर कुश्ती को काफी मनोरंजक बनाया बुंदेलखंड की पांच केसरियो ने भी जंगल में अपना जौहर दिखाया कुश्ती में पहलवानों को उत्साह बढ़ाने के लिए दर्शकों ने भी तालियां बजाई।

नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ने ने बताया कि कुश्ती का खेल धीरे-धीरे बुन्देलखंड से विलुप्त होता जा रहा है। इस खेल को जीवित रखने के लिए बरुआसागर कस्बे में हर रक्षाबंधन के पर्व पर दंगल और निशानेबाजी प्रतियोगिता कराई जाती है। सभी के सहयोग से इस प्रयास को सफल बनाया गया है। बाहर आये पहलवानों को रुकने और खाने की भी नगर पालिका की ओर से व्यवस्था की गई थी। ओमी कुशवाहा ने बताया है कि यह दंगल नगर के स्वर्गीय रामसेवक नायक ने प्रारंभ की थी लगभग 50 वर्ष पहले पहलवानों को विजेता के रूप में एवं उपविजेता के रूप में खडपुरी एवं खीरा से सम्मानित किया जाता था यह प्रथा निरंतर बढ़ती गई आज इस जंगल में चैलेंज की कुश्ती में भी होती हैं जिसमें विजेता पहलवान को एक अच्छा पुरस्कार नगर पालिका की तरफ से देखकर मान सम्मान बढ़ाया जाता हैं
बरुआसागर में आयोजित हुई कुश्ती, निशानेबाजी की प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा पहुंच जहां उन्होंने फीताकाट कर इस प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। इस मौके पर बरुआसागर नगर पालिका के सभी पार्षद और अधिकारी भी मौजूद रहे।
बरुआसागर में आयोजित हुए दंगल में महिला और पुरुष पहलवान के बीच कुश्ती हुई। उन्होंने एक दूसरे को टक्कर देते हुए कुश्ती को रोमंचक बना दिया था। उनके कड़े मुकाबले को देख कोई दर्शक अपनी तालियों को नहीं रोक पा रहा था। भला हो भी क्यों न, महिला पहलवान थी मेरठ की और पुरुष पहलवान झांसी का। सभी ने उनके बीच हो रहे कड़े मुकाबले को देख उनका उत्साह बढ़ाया , क्षेत्राधिकारी टहरौली भी दंगल में उपस्थित रहे, और व्यवस्था की ओर सक्रियता निभाते रहें l

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