ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार
मोंठ/झांसी – प्रदेश सरकार लगातार गरीबों के साथ कई प्रकार की योजनाएं चला रही हैं। जिसके तहत गरीब जनता तक शासन की योजनाएं पहुंचे और शासन की योजनाओं का लाभ गरीब जनता तक पहुँच सके। वहीं एक मिशन शुरू हुआ था स्वच्छ भारत मिशन, जिसके तहत गरीब तबके के ग्रामीण लोगों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शौचालय निर्माण के लिए शासन द्वारा धनराशि उपलब्ध कराकर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा था। लेकिन क्या गरीबों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंच पाता है। शासन तो अपनी योजनाओं को करोड़ों रुपए का उपहार प्रदेश सरकार को मुहैया कराती है। लेकिन इन योजनाओं का लाभ गरीबों की बजाय किसे दिया जाता है यह हम आपको बताते हैं, और गरीबों को किस प्रकार पात्र को अपात्र बनाया जाता है, ऐसी कुछ कारणों से हम आपको रूबरू कराते है। मामला झांसी जिले के मोठ ब्लाॅक के ग्राम महाराजगंज ढेरी का है। जहां की सहारा बनो ने प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि वह तहसील मोठ की ग्राम ढेरा की रहने वाली है। गरीब है मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करती है। कोई वाहन भी नहीं है लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा उसके पास ट्रैक्टर दर्शाकर उसे अपात्र दर्शा दिया है। उसने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा पात्रों को अपात्र दर्शाकर उसे आवास नही मिला है। जबकि गांव में कई अपात्र लोगों को शौचालय व आवास मुहैया कराए गए हैं। उसने उच्चाधिकारियों से शौचालय व आवास की जांच कराकर अपात्रों के खिलाफ कार्रवाई व आवास और शौचालय दिलाने की मांग की है।
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