गरौठा झांसी
प्रकृति द्वारा बरसाया गया जल चारों तरफ छाई हरियाली सूखे पड़े हैंडपंप भी देने लगे पानी लोगों में छाई खुशियां:रिपोर्ट मुवीन खान गरौठा
ग्रामीण एडिटर धीरेंद्र रायकवार
प्रकृति और बारिश हमारे मानव जीवन की जीवनदायिनी इस से छेड़छाड़ हमारी भावी पीढ़ी के लिए बहुत ही घातक है मनुष्य का जीवन पूरी तरह बारिश के पानी पर निर्भर हैं हम अपनी आवश्यकता की लगभग 70% जरूरतें वर्षा जल से ही प्राप्त करते हैं वर्षा का जल मनुष्य जीवन के लिए अति आवश्यकताऔ की पूर्ति करता है जिससे चारों तरफ हरी घास की एक चादर सी बिछ जाती है जिससे पेड़ पौधे बढ़ने लगते हैं जो हमें ऑक्सीजन देते हैं और नदियां तालाब बरसात के जल से लबालब भर जाते हैं जिससे जल स्तर बढ़ाता है जिसके बगैर हम जीवन की कल्पना ही नहीं कर सकते बारिश का मनुष्य जीवन में इतना महत्त्व होते हुए भी हम अपने लालच के कारण उसका संतुलन बिगाड़ रहे हैं धरती पर जीवन का आरम्भ और जीवन को चलाए रखने का काम प्रकृति द्वारा की गई बारिश बहुत ही जरूरी है वह हर मनुष्य और जीव जंतुओं को जीवन देती है वह फिजूल नहीं है हर मनुष्य के जीवित रहने के लिए प्रकृति द्वारा बरसाया गया जल मिट्टी को उपजाऊ बनाता है फिर उसमें विभिन्न प्रकार की फसलें पैदा होती हैं जिससे हम सभी मनुष्य अपना जीवन यापन करते हैं हमें वर्षा के जल को इकट्ठा करना होगा जिससे धरती का जल स्तर का संतुलन सामान्य बना रहे और हमें पानी की भीषण समस्या का सामना न करना पड़े
रिपोर्ट मुवीन खान गरौठा