ग्रामीणों ने लगाया फर्जी फंसाने का आरोपः रिपोर्ट- नेहा वर्मा
ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार
हमीरपुर जनपद के कैंथा गांव में बीते एक पखवारे पूर्व दो पक्षों में विवाद हो गया था। एक पक्ष की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने दो सगे भाईयों के खिलाफ दलित अधिनियत सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीक्रत किया था। जिसके विरोध में दर्जनों ग्रामीणां ने सीओ से मिलकर मामले को फर्जी करार देते हुए जांच व कार्यवाही की मांग की।
राठ कोतवाली क्षेत्र के कैंथा गांव में बीते 26 जून को दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। जिसमें दलित परिवार ने कोतवाली पहुंच कर दो सगे भाईयों के खिलाफ मारपीट शादी समारोह के दौरान मारपीट करते हुए दहशत फैलाने का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने दलित एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा ंपजीक्रत कर लिया। मंगलवार को कैंथा गांव के करीब एक सैकड़ा ग्रामीणों ने तहसील पहुंच कर जमकर हंगामा काटा। संतोषरानी पत्नी गोकुल लोधी ने आरोप लगाया कि 26 जून की सुबह 9.30 बजे गांव के लीलाधर के कहने पर पप्पू अहिरवार, भान सिंह अहिरवार आदि ने उसके छोटे पुत्र प्रहलाद पर जानलेवा हमला किया। प्रहलाद ने मौके से भाग कर अपनी जान बचाते हुए पुलिस को फोन पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की। कोतवाली के एसआई को पीड़ित ने तहरीर दी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। बताया कि दूसरे पक्ष ने उसके दो पुत्रों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए दलित एक्त में मुकदमा पंजीक्रत करा दिया। इसी मामले से आक्रोशित करीब आधा सैकड़ा ग्रामीण एसडीएम के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। जहां एसडीएम के न मिलने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा किया। बाद में सीओ अभिषेक यादव को शिकायती पत्र सौंपते हुए उक्त प्रकरण की निश्पक्ष जांच कर कार्यवाही की मांग की।