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वन विभाग की घोर लापरवाही के कारण गरौठा क्षेत्र के सभी जंगलो ने खो दिया है अपना वजूद:रिपोर्ट-मुबीन खान

गरौठा झांसी

वन विभाग की घोर लापरवाही के कारण गरौठा क्षेत्र के सभी जंगलो ने खो दिया है अपना वजूद

ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार

कटे जंगल घटी बारिश मौसम के चक्र में जंगल हमेशा साथ निभाते हैं अगर जंगल ही न होंगे तो बारिश भी न होगी गरौठा क्षेत्र के जंगलों का भी यही हाल बनकर रह गया है जो सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गएे हैं गरौठा क्षेत्र के जंगल कभी इन्हीं जंगलों में हर तरह के पेड़ पौधे ब विभिन्न प्रकार के वन्य जीव पाए जाते थे लेकिन वन विभाग की लापरवाही के कारण गरौठा क्षेत्र के जंगलों की दुर्दशा हो गई है जंगल केवल पेड़ों का झुरमुट नहीं बल्कि उसके अंदर एक भरा पूरा वन्यजीव संसार होता है जिसे मनुष्य बेरहमी से उजाड़ने पर तुला हुआ है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी और कर्मी इस ओर बिल्कुल ध्यान ही नहीं देते वह तो सिर्फ कागजों पर पेड़ और पौधे लगा देते हैं वैसे तो गरौठा के आसपास मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर जंगल हैं जहां पर हर साल भारी मात्रा सागौन शीशम बबूल व कई फलदार पेड़ और पौधे लगाए जाते हैं लेकिन उनकी सही तरीके से देखरेख ना होने के कारण वह जंगल जस के तस बने हुए हैं आज से करीब दस बारह साल पहले इन्हीं जंगलों मैं भारी मात्रा में कई प्रकार के पेड़ पौधे और काफी संख्या में पशु पक्षी पाए जाते थे उन्हीं जंगलों में आज पेड़ पौधों के ना होने की वजह से विभिन्न प्रकार के पशु पक्षियों का नामोनिशान तक मिट गया है आज वही जंगल जो कभी बहुत ज्यादा हरे भरे और घने थे आज उन्हीं जंगलों में दूर-दूर तक न कोई पशु पक्षी दिखाई पड़ता है न कोई हरियाली है न ही पेड़ पौधे बचे हैं वही वन विभाग की उदासीनता के कारण जंगलों की भरपाई सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गई है

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