भटक रही दिब्यांग महिला, नहीं बन रहा विकलांग प्रमाणपत्रः रिपोर्ट- नेहा वर्मा
ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार
हमीरपुर । परीक्षा देकर पति के साथ अपने गांव जा रही एक किशोरी मार्ग दुर्घटना का शिकार बनकर अपना एक पैर गंवा बैठी। जबकि इस दुर्घटना में उसके पति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। अपने पिता के यहां रह रही युवती अब विकलांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिये अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। किन्तु उसकी कहीं भी सुनवाई न होने पर उच्चाधिकारियों को पत्र भेज कर न्याय की गुहार लगाई। जनपद के मझगवां थाना अन्तर्गत ग्राम इटौरा निवासी अनीता पुत्री बाबादीन पासवान ने उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में बताया कि विवाह के एक वर्ष बाद बीए की परीक्षा देकर वह अपने पति सचिन निवासी तुर्रा मोहर के साथ बाइक से गांव जा रही थी। तभी राठ पनवाड़ी मार्ग पर गिरवर गांव के पास एक तेजरफ्तार ट्रक ने बाइक को रौंद दिया। इस दुर्घटना में उसके पति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी जबकि उसे अपना एक पैर गंवाना पड़ा था। पति की मौत के बाद उसका कोई सहारा नहीं बचा जिस पर उसने अपने पिता के घर जाकर शरण ली। बताया कि भरण पोषण का कोई साधन नहीं है, विकलांगता के कारण मेहनत मजदूरी भी नहीं कर सकती है। शासन द्वारा मिलने वाली सहायता में विकलांग प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ती है जो बन नहीं रहा। विकलांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिये वह एक वर्ष से अधिकारियों के चक्कर लगा रही है किन्तु उसकी कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो रही। पीड़िता ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेज कर कार्यवाही की गुहार लगाई ।