गेहूं की खरीद न होने पर किसानों ने किया हंगामा
वारदाना लूटने के आरोप में पुलिस ने एक किसान को लिया हिरासत में
ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार
हमीरपुर के जराखर खरीद केन्द्र पर वारदाना की कमी के चलते गेहूं की तुलाई बंद चल रही थी। करीब एक पखवारे से किसान अपना गेहूं बेचने के लिये खरीद केन्द्र पर डेरा डाले हुए हैं। बीती शाम जैसे ही वारदाना आया किसानों में उसे लेने की होड़ मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक किसान को वारदाना सहित गिरफ्तार कर लिया। बाद में दोनों पक्षों द्वारा राजीनामा करने पर मामला निबट गया।
बतादें कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाये जाने हेतु शासन द्वारा कसबे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं खरीद केन्द्र बनाये गये हैं। किन्तु अव्यवस्थाओं की भेंट चढे़ यह खरीद केन्द्र अपने उद्देश्यों को पूरा करने में कामयाब नहीं हो रहे हैं। अटगांव मण्डी में बनाये गये जराखर खरीद केन्द्र पर बीते एक पखवारे से वारदाना नहीं था। जिस वजह से अपने गेहूं बेचने के इंतजार में कई गांव के किसान वहां डेरा डाले हुए थे। किसानों ने आरोप लगाया कि केन्द्र प्रभारी अपने चहेतों के घर पर वारदाना भिजवा देता है। जिससे उन्हें गेहूं बेचने में कोई परेशानी नहीं होती। जबकि अन्य किसानों को वारदाना न होने की बात कहते हुए टरकाता रहता है। केन्द्र प्रभारी के इस अड़ियल रवैये से पहले ही किसानों में खासा आक्रोश था। रविवार शाम जैसे ही खरीद केन्द्र पर वारदाना पहुंचा किसान उसे लेने के लिये टूट पडे़। जिसे जितना वारदाना मिला वह लेकर भागा। केन्द्र प्रभारी ने पुलिस को गेहूं की बोरियां लूटे जाने की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने धगवां निवासी एक किसान को वारदाना सहित अपनी हिरसात में ले लिया। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया जिस पर किसान को रिहा कर दिया गया।