सीएचसी नहीं बिजली-पानी, कैसे हो मरीजों का उपचार
ग्रामीण एडिटर व्यूरो धीरेन्द्र रायकवार
हमीरपुर के राठ कसबा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां पर न तो प्रकाश की ही पर्याप्त व्यवस्था है और न ही पानी की। रात में जब लाइट चली जाती है तो चिकित्सकों को मजबूरी में टार्च व मोबाइल की रोशनी में मरीजों का उपचार करना पड़ता है। वहीं पानी के अभाव में भीषण गर्मी में मरीज व तीमारदार व्याकुल हो उठते हैं।
भले ही प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें मुहैया कराने का कितना भी दावा करे किन्तु स्थानीय स्तर पर लापरवाही के चलते सरकार के सारे दावे बेकार चले जाते हैं। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सभी व्यवस्थायें बदहाल चल रहीं हैं। गुरुवार को जरिया थाना क्षेत्र के अतरौली गांव निवासी भुट्टो पुत्र बली मुहम्मद ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे उपचार के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया। अभी चिकित्सक व चिकित्सकीय स्टाफ उसका उपचार कर ही रहा था कि तभी डे्रसिंग रूम के नल में पानी आना बंद हो गया। पानी के अभाव में उसके पेट की सही से सफाई नहीं हो पाई। हालांकि चिकित्सकों ने अपने स्तर से प्रयाश किया किन्तु फिर भी उसने दम तोड़ दिया। यहां यह बताना भी आवश्यक है कि लाइट चली जाने पर इमरजेंसी व्यवस्था के लिये अस्पताल में लाखों रूपये खर्च कर जैनरेटर व सोलर प्लांट लगवाये गये हैं। किन्तु जरूरत के समय लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह शीतल पानी उपलब्ध कराने के लिये वाटर कूलर लगा है किन्तु यह भी कभी कभार ही काम करता है।