गौरी फाउंडेशन की मानवीय पहल: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर वंचित वर्गों को शीतकालीन कंबल एवं स्टेशनरी किट का वितरण*
कड़ाके की ठंड के बीच समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से गौरी फाउंडेशन द्वारा 7 जनवरी को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के मुख्य द्वार पर शीतकालीन कंबल वितरण एवं वंचित बच्चों के लिए स्टेशनरी किट एवं बैग वितरण अभियान का आयोजन किया गया।
यह अभियान सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवीय संवेदना एवं शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बना। इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील उत्तरदायित्व निभाने वाला संस्थान भी है। गौरी फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष यूनिवर्सिटी के सहयोग से किया जा रहा प्रयास वंचित वर्गों के जीवन में आशा और सहारा प्रदान करने वाला है। ऐसे सेवा कार्य विद्यार्थियों और समाज में करुणा, सहयोग और सामाजिक चेतना का विकास करते हैं।
कार्यक्रम में डीन छात्र कल्याण प्रो. सुनील काबिया ने कहा कि वंचित बच्चों को स्टेशनरी एवं बैग उपलब्ध कराना उनके शैक्षणिक भविष्य को सशक्त करने की दिशा में एक सार्थक पहल है। इस प्रकार के अभियानों से विद्यार्थियों और युवाओं को समाज सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।
रजिस्ट्रार श्री ज्ञानेंद्र कुमार ने गौरी फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सदैव ऐसे सामाजिक अभियानों का समर्थन करता है, जो समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुँचाने में सहायक हों। यह आयोजन विश्वविद्यालय और सामाजिक संस्थाओं के बीच सकारात्मक सहभागिता का उत्तम उदाहरण है।
गौरी फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री राहुल द्विवेदी ने अपने संबोधन में बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में वरिष्ठ नागरिकों को कंबल एवं बच्चों को शिक्षा से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। वहीं फाउंडेशन के कार्यकारी सदस्य श्री विवेक चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में एनसीसी के प्रमुख श्री हेमंत चंद्रा, श्री बृजेंद्र सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
वितरण अभियान को व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने में गौरी फाउंडेशन के स्वयंसेवकों चंदर सोनी, महेश, राहुल, कल्पना, राजकुमार एवं आयुषी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने पूरे समर्पण भाव से सेवा कार्य किया। यह आयोजन न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत का माध्यम बना, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों, सामाजिक समरसता एवं शिक्षा के महत्व को भी सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ। उपस्थित नागरिकों एवं लाभार्थियों ने इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर डिप्टी रजिस्ट्रार शेख अंजुम, प्रो अर्चना वर्मा, प्रो सी बी सिंह,प्रो अवनीश कुमार,डॉ चेतन, डॉ ज्योति मिश्रा, हितिक, अतुल खरे, डॉ ,आशीष ,डॉ शुभांगी निगम डॉ,राजीव बबेले,डॉ अमरजोत वर्मा, निशांत पुरवार, अभिषेक जोशी एवं एनसीसी कैडेट,शिक्षक आदि मौजूद रहे l