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वर्कशॉप ऑडिटोरियम झाँसी में संरक्षित रेल संचालन में परिवार की भूमिका और गुणवत्तापूर्ण विश्राम के महत्व पर लोको पायलट परिवार संगोष्ठी का आयोजन

ByNeeraj sahu

Dec 23, 2025

वर्कशॉप ऑडिटोरियम झाँसी में संरक्षित रेल संचालन में परिवार की भूमिका और गुणवत्तापूर्ण विश्राम के महत्व पर लोको पायलट परिवार संगोष्ठी का आयोजन

आज दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को उत्तर मध्य रेलवे के झाँसी मंडल अंतर्गत वर्कशॉप ऑडिटोरियम में लोको पायलट एवं उनके परिवारजनों के लिए एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य रेल परिचालन की सुरक्षा में लोको पायलट के परिवार की भूमिका को रेखांकित करना तथा ड्यूटी के पूर्व गुणवत्तापूर्ण विश्राम (Quality Rest) के महत्व को समझाना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री पी पी शर्मा अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फा), झाँसी एवं श्री नंदीश शुक्ल, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परि.), झाँसी, द्वारा, श्री गिरीश कंचन, वरि. मंडल संरक्षा अधिकारी, झॉसी, श्री राजेश शर्मा, वरि मंडल कार्मिक प्रबंधक, झाँसी, श्री शिवम श्रीवास्तव, वरि. मंडल विद्युत इंजीनियर (परि.), झॉसी, श्री अनिरूद्ध कुमार शुक्ला, सहा. मंडल विद्युत इंजीनियर (परि.), झाँसी, की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में लगभग 65 रनिंग कर्मचारियों के परिवार एवं 210 लोको पायलट / सहा. लोको पायलट द्वारा सहभागित्ता की गई।

श्री नंदीश शुक्ल, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परि.), झाँसी ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि, लोको पायलट की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और उनका मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य सीधे तौर पर ट्रेन संरक्षा से जुड़ा होता है. जब लोको पायलट को अपने परिवार से भावनात्मक सहयोग मिलता है और उन्हें ड्यूटी के पहले पर्याप्त एवं निर्बाध विश्राम (Undisturbed Rest) प्राप्त होता है, तो वे अधिक सजगता एवं दक्षता के साथ कार्य कर पाते हैं।

संगोष्ठी के दौरान नुक्कड़ नाटिका एवं हास्य क्षणिकाओं के माध्यम से परिवार के सदस्यों को समझाया गया कि घरेलू शांति, समझदारी और सहयोगपूर्ण वातावरण लोको पायलट के विश्राम की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं, जिससे वे तनावमुक्त रहकर सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करते हैं। कार्यक्रम में लोको पायलटों और उनके परिजनों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को जाना गया तथा रेलवे द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी भी साझा की गई। साथ ही, विश्राम के दौरान मोबाइल, टीवी अथवा अन्य व्यवधानों से बचने की अपील भी की गई।

संगोष्ठी के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि लोको पायलट का परिवार यदि सहयोगी और जागरूक हो, तो वह भी अप्रत्यक्ष रूप से रेल संरक्षा का अहम हिस्सा बन जाता है। कार्यक्रम में रनिंग कर्मचारियों के 05 वर्ष से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों हेतु ड्राईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्री एम के एस कुशवाह, मुख्य लोको निरीक्षक (मु.), झाँसी एवं श्री राजीव अग्रवाल, वरि. कू नियंत्रक, झॉसी के निर्देशन में श्री सुभाष बाबू खत्री, मुख्य ट्रेन लिपिक, झॉसी एवं श्री रजनीश श्रीवास्तव द्वारा किया गया। क्विज प्रतियोगिता में श्री संचित अग्रवाल, लोको पायलट गुड्स द्वारा उल्लेखनीय तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया।

 

वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 3 के उन्नयन कार्य को मिली नई गति

बैलास्टलेस ट्रैक के माध्यम से आधुनिक एवं दीर्घकालिक संरचना की दिशा में कदम

यात्रियों को सुरक्षित, सुदृढ़ एवं आधुनिक प्लेटफॉर्म सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 3 पर आधारभूत ढाँचे के उन्नयन का कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में प्लेटफॉर्म क्षेत्र में बैलास्टलेस ट्रैक का कार्य नियोजित चरणों में प्रगति पर है।

इस परियोजना के अंतर्गत उच्च यातायात वाले प्लेटफॉर्म क्षेत्रों के लिए उपयुक्त अत्याधुनिक बैलास्टलेस ट्रैक तकनीक अपनाई जा रही है। कठोर कंक्रीट आधारित यह प्रणाली पारंपरिक बैलास्ट ट्रैक की तुलना में अधिक टिकाऊ, स्थिर एवं परिचालन की दृष्टि से अधिक विश्वसनीय मानी जाती है। कार्य पूर्ण होने के उपरांत इससे ट्रैक एवं प्लेटफॉर्म संरचना को लगभग 35 वर्षों तक दीर्घकालिक मजबूती एवं स्थिरता प्राप्त होगी।

बैलास्टलेस ट्रैक के क्रियान्वयन से रखरखाव की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी आएगी, ट्रैक की ज्यामिति लंबे समय तक सटीक बनी रहेगी तथा प्लेटफॉर्म क्षेत्र में संरक्षा एवं स्वच्छता बनाए रखना अधिक सरल होगा। इसके परिणामस्वरूप यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं रेल परिचालन की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी।

मंडल रेल प्रबंधक, झाँसी श्री अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या 3 का उन्नयन कार्य उत्तर मध्य रेलवे की संरक्षा, गुणवत्ता एवं आधुनिक बुनियादी ढाँचे के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बैलास्टलेस ट्रैक कार्य के पूर्ण होने के पश्चात यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएँ प्राप्त होंगी तथा प्लेटफॉर्म से ट्रेनों का संचालन नियमानुसार सुनिश्चित किया जाएगा।

                  

*उत्तर मध्य  रेलवे को उत्कृष्ट कार्यनिष्पादन प्रदर्शन के लिए सिग्नल एफिशिएंसी शील्ड एवं टेलीकॉम एफिशिएंसी शील्ड की जाएगी प्रदान*

 

श्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय रेल सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा 5 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए विभिन्न जोनल रेलवे को उत्कृष्ट शील्ड से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेलकर्मियों भी प्रमाण पत्र व पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम में वर्ष 2025 में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए उत्तर मध्य रेलवे को उत्कृष्ट कार्यकुशलता हेतु सिग्नल एफिशिएंसी एवं टेलीकॉम एफिशिएंसी शील्डें प्रदान की जाएंगी।

उत्तर मध्य रेलवे को श्री नरेश पाल सिंह, महाप्रबन्धक-उत्तर मध्य  रेलवे के कुशल मार्ग निर्देशन में सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। उत्तर मध्य  रेलवे के कार्यनिष्पादन की विभिन्न स्तरों पर सराहना की गई है।  इसी क्रम में नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (राष्ट्रीय) समारोह 2025 में उत्तर मध्य  रेलवे को सिग्नलिंग और टेलीकॉम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन एवं अनुरक्षण कार्यों को सुदृढ करने में अहम कार्य करने हेतु सिग्नल एफिशिएंसी शील्ड एवं टेलीकॉम एफिशिएंसी शील्ड क्रमश: मध्य रेलवे एवं उत्तर रेलवे के साथ संयुक्त रूप से प्रदान की जाएगी।

वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान भी उत्तर मध्य रेलवे ने सिग्नलिंग एवं टेलीकॉम के क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उत्तर मध्य रेलवे में 157.03  किमी.ऑटोमेटिक  सिग्नलिंग,  8 स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग और 6 स्टेशनों पर डबल डिस्टैंट सिग्नल की कमिशनिंग  की गयी है | साथ ही  यात्री सुविधा के क्रम में वर्ष 2025-26 के दौरान 9 स्टेशनों पर कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड तथा 6 स्टेशनों पर ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड का प्रावधान किया गया है |

दिनांक 5 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में यह शील्ड श्री नरेश पाल सिंह, महाप्रबन्धक-उत्तर मध्य रेलवे एवं सतेंद्र कुमार प्रधान मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर द्वारा माननीय मंत्री महोदय से प्राप्त की जाएगी।

ज्ञात हो कि वर्ष 2024 के 69वें केन्द्रीय समारोह में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज रनिंग रुम को देश के सर्वश्रेष्ठ रनिंग रूम की शील्ड से सम्मानित किया गया था।

 

ग्वालियर–झांसी रेल स्टेशन के समीप समपार संख्या 407B अस्थायी रूप से बंद

उत्तर मध्य रेलवे के ग्वालियर–झांसी रेल खंड पर स्थित समपार संख्या 407B (कि.मी. 1205/6-8) को दिनांक 26 दिसंबर 2025 से आगामी सूचना तक सड़क यातायात हेतु अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है।

यह निर्णय रेलवे लाइन के ऊपर स्टील गर्डर स्थापित करने हेतु आवश्यक अस्थायी संरचना (Temporary Staging) के निर्माण कार्य के कारण लिया गया है। यह कार्य रेलवे स्पैन के ऊपर गर्डर सुरक्षित रूप से रखने के लिए आवश्यक है, जिससे रेल परिचालन एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उक्त अवधि में आंतरी–चिमक पहुँच मार्ग पर सड़क यातायात पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इस संबंध में राज्य प्रशासन को पूर्व में ही सूचित किया जा चुका है।

झांसी रेल मंडल आम जनता से अनुरोध करता है कि असुविधा से बचने हेतु वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें तथा रेलवे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। यह अस्थायी व्यवस्था जन एवं यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

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