उत्तर मध्य रेलवे के झाँसी मंडल में आधारभूत ढाँचे के विस्तार एवं परिचालन क्षमता वृद्धि के क्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर परिक्षेत्र) श्री प्रणजीव सक्सेना द्वारा दो दिवसीय निरीक्षण एवं सफल स्पीड ट्रायल के उपरांत नवनिर्मित दूसरी लाइन पर पहली यात्री गाड़ी का परिचालन दिनांक 11.12.2025 को रात्रि में सफलतापूर्वक प्रारंभ किया गया।
इस अवसर पर पहली यात्री गाड़ी 12535 (लखनऊ–रायपुर) को बाँदा–खुरहण्ड से डिंगवाही होते हुए नवनिर्मित डाउन लाइन पर चलाया गया। यह विशेष संचालन न केवल संरक्षा आयुक्त द्वारा नए खंड को परिचालन योग्य घोषित किए जाने का प्रमाण है, बल्कि झाँसी मंडल की बढ़ी हुई परिचालन क्षमता का भी द्योतक है।
नव-दोहरीकृत खुरहण्ड–डिंगवाही–बाँदा रेलखंड पर पहली यात्री गाड़ी का सुचारु संचालन इस मार्ग की क्षमता वृद्धि को रेखांकित करता है। दोहरी लाइन उपलब्ध होने से यात्री गाड़ियाँ अब बिना रुके अधिक दक्षता, गति और विश्वसनीयता के साथ संचालित की जा सकेंगी, जिससे समयबद्धता में महत्वपूर्ण सुधार होगा एवं क्षेत्रीय यात्रियों को तेज, सुरक्षित और निर्बाध रेल सुविधा प्राप्त होगी।
इससे पूर्व उक्त रेलखंड पर 120 किमी/घंटा की गति से सफल स्पीड ट्रायल कर ट्रैक एवं तकनीकी संरचनाओं की मजबूती तथा सुरक्षा का परीक्षण किया गया था।
इस दोहरी लाइन के चालू होने से झाँसी मंडल में लाइन क्षमता उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगी, जिससे भविष्य में नई यात्री गाड़ियों के संचालन, समय-सारिणी के बेहतर पालन तथा यात्री एवं माल परिवहन की दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि संभव होगी।
पहली यात्री गाड़ी के इस संचालन पर मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार द्वारा विशेष निगरानी रखी गई।
रेल प्रशासन द्वारा सभी रेलवे पेंशन भोगियों को अवगत कराया जाता है कि वर्ष 2025 की द्वितीय पेंशन अदालत दिनांक 15.12.2025 (दिन-सोमवार) को समय 15:30 बजे मंडल रेल प्रबंधक (कार्मिक), सभाकक्ष आयोजित की जा रही है I पेंशन अदालत में आप सभी अपनी पेंशन सम्बंधित समस्याओं के निराकरण हेतु उपस्थित हो सकते हैं I
मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार के निर्देशन में आज मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, झाँसी के सभाकक्ष में रेल कर्मचारियों हेतु वित्तीय प्रबंधन विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री राजेश कुमार शर्मा द्वारा की गई।
यह सेमिनार दो सत्रों में आयोजित किया गया —
* प्रथम सत्र: विशेष रूप से महिला कर्मचारियों हेतु
* द्वितीय सत्र: सभी कर्मचारियों हेतु
कार्यक्रम में डॉ. निहाल चंद्र शिवहरे, Advisors Organization, द्वारा वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने प्रतिभागियों को निवेश के सुरक्षित विकल्प, भविष्य निधि योजनाएँ, आय प्रबंधन, कर-योजना, बीमा कवरेज, दीर्घकालिक निवेश तथा सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उपयोगी उपायों के बारे में मार्गदर्शन दिया।
दोनों सत्रों में कुल लगभग 150 कर्मचारी (70 महिला एवं 80 पुरुष) उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने इस ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक सत्र की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा इसे अपने व्यक्तिगत एवं पारिवारिक वित्तीय प्रबंधन के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाना और उन्हें भविष्य के लिए सुदृढ़ वित्तीय योजना बनाने हेतु सक्षम बनाना था। इस दिशा में रेलवे प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास अत्यंत सफल रहा।
मंडल रेल प्रबंधक झांसी मंडल श्री अनिरुद्ध कुमार के दिशा निर्देशन में बिना उचित कारण अलार्म चैन खींचने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में झांसी मंडल में 01 जनवरी 2025 से 30 नवंबर -2025 तक बिना उचित कारण अलार्म चेन खीचने (ACP) वाले 2041 मामले दर्ज किए गए। इन सबके विरुद्ध रेल सुरक्षा बल द्वारा 2041 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन व्यक्तियों पर कार्रवाई करके 613480/- रुपये जुर्माना वसूला गया तथा 02 को जेल भेजा गया I
झांसी मंडल सभी रेल उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर यात्री सुविधाओं को उपलब्ध कराने के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है| इन्हीं प्रयासों के क्रम में झांसी मंडल के वाणिज्य विभाग एवं रेलवे सुरक्षा बल द्वारा बिना उचित कारण के अलार्म चेन खीचने वालों के विरुद्ध निरंतर सघन चेकिंग अभियान चलाये जा रहे है|
रेल प्रशासन अपने सम्मानित यात्रियों से अनुरोध करता है कि बिना उचित एवं पर्याप्त कारण के चेन पुलिंग न करें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है | उक्त कृत्य से रेल संचालन विपरीत प्रभाव पड़ता है। अलार्म चेन खींचने के प्रभाव:
– ट्रेन की समयपालनता प्रभावित होती है
– अन्य यात्रियों को परेशानी होती है
– रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है।
इसलिए, अलार्म चेन खींचने से पहले सोच-विचार करना चाहिए और केवल आपातकालीन स्थिति में ही इसका उपयोग करना चाहिए।
मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार के कुशल मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री नरेंद्र सिंह के तकनीकी निर्देशन में झाँसी मंडल में सिग्नलिंग प्रणाली को लगातार आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे रेल यातायात की सुरक्षा एवं निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
इसी क्रम में मंडल के Rusty Rail Track Sections (रस्टी रेल ट्रैक खंड) में परंपरागत डीसी ट्रैक सर्किट प्रणाली को हटाकर उसकी जगह एक्सल काउंटर तकनीक स्थापित की जा रही है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत झाँसी मंडल के कुल 91 ट्रैक सेक्शनों में ड्यूल एक्सल काउंटर लगाए जाने का कार्य प्रस्तावित है, जिनमें से अब तक 59 ट्रैक सेक्शनों में यह तकनीक सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है। 20 ट्रैक सेक्शनों में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है और शेष सेक्शनों में भी निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
इसी क्रम में आज बबीना स्टेशन पर 5 ट्रैक सेक्शन पर अत्याधुनिक GGT मेक MSDAC EI अल्टरेशन के साथ कमीशन किया गया।
गौरतलब है कि पारंपरिक डीसी ट्रैक सर्किट प्रणाली में पटरियों पर जंग जम जाने से विद्युत संपर्क बाधित हो जाता है, जिससे ट्रेनों की उपस्थिति का सटीक पता लगाना कठिन हो जाता है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए झाँसी मंडल ने अत्याधुनिक ड्यूल एक्सल काउंटर तकनीक को अपनाया है।
यह प्रणाली रेल पथ पर ट्रेनों के पहियों की गिनती करके उनकी उपस्थिति का सटीक आकलन करती है, जिससे जंग लगे ट्रैक सेक्शनों में भी सुरक्षित एवं विश्वसनीय डिटेक्शन सुनिश्चित होता है। ड्यूल डिटेक्शन के उपयोग से रेलवे परिचालन और अधिक सुरक्षित, समयबद्ध और दुर्घटनामुक्त बन सकेगा।
झाँसी मंडल रेलवे प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं आधुनिक तकनीकों से युक्त रेल सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत एवं प्रतिबद्ध है।