मण्डलायुक्त ने की झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कार्यों की समीक्षा
** सभी प्रोजेक्ट्स की लीगल निरीक्षण, वित्तीय निरीक्षण एस०ओ०आर० पीडब्ल्यूडी को आधार मानकर किया जाये
** प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता ध्यान में रखते हुए सभी कार्य समयानुसार पूर्ण किये जाये
झाँसी : आज मण्डलायुक्त/अध्यक्ष झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटिड डॉ0 आदर्श सिंह की अध्यक्षता में झाँसी में स्मार्ट सिटी के तहत कराये गए कार्यों की समीक्षा बैठक आयुक्त सभागार में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त महोदय ने कहा कि सभी प्रोजेक्ट्स की लीगल निरीक्षण, वित्तीय निरीक्षण एस०ओ०आर० पीडब्ल्यूडी को आधार मानकर किया जाये, साथ ही प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता ध्यान में रखते हुए सभी कार्य समयानुसार पूर्ण किये जाये।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा विभिन्न प्रोजेक्ट्स के बारे में निदेशक मण्डल को अवगत कराया गया, जिसमें वाइसिकिल शेयरिंग, झाँसी में डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी बनाये जाने और झाँसी की लाइटों को कन्ट्रोल करने हेतु मॉनीटरिंग कन्ट्रोल सिस्टम, स्मार्ट क्लास सम्बन्धित प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई, जिसमें अध्यक्ष द्वारा पी०एम०सी० को यह निर्देश दिये गये कि सभी प्रोजेक्ट्स की लीगल निरीक्षण, वित्तीय निरीक्षण तथा एस०ओ०आर० पीडब्ल्यूडी को आधार मानकर किया जाये तथा साथ ही यह भी निर्देश दिये गये कि सभी प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता ध्यान में रखते हुए समय अनुसार कार्य पूरा किया जाये। झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सभी निदेशकों द्वारा सभी प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया गया।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, 22 नवंबर 2016 को “झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड” नाम से एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) को सम्मिलित किया गया था। जेएससीएल का नेतृत्व एक पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीइओ) द्वारा किया जाता है और इसके बोर्ड में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और यूएलबी के नामांकित व्यक्ति होते हैं। झाँसी का स्थानीय प्रशासन झाँसी नगर निगम के दायरे में आता है, जो आवास और स्वच्छता, सड़कों के रखरखाव और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं, शैक्षिक और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का प्रभारी है। झाँसी के स्मार्ट सिटी प्रस्ताव में कई पैन सिटी और क्षेत्र आधारित विकास योजना शामिल है। एक स्मार्ट सिटी में स्थायित्व, आर्थिक मज़बूती और निवासी कल्याण को बढ़ावा देने के लिए रचनात्मक तकनीक और विचार सम्मिलित हैं।
उन्होंने बताया कि प्रौद्योगिकी सतत शहरी विकास के मूल्यांकन, स्वचालन और विभिन्न पहलुओं को शामिल करने के महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करती है। झाँसी स्मार्ट सिटी में न्यून ऊर्जा के खपत और न्यून पर्यावरणीय तनाव के साथ निवासियों, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के निर्बाध अनुभव के लिए मजबूत सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के आधार के साथ विभिन्न पहल स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। आईसीटी एक प्रवर्तक के रूप में कार्य करेगा और झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड (जेएससीएल) एक केंद्रीकृत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) सुविधा से शहर की सेवाओं के प्रबंधन की वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का लाभ उठाने में सक्षम होगा।
आईसीसीसी, झाँसी स्मार्ट सिटी प्राधिकरण को सूचनाओं को इकट्ठा कर जोड़ने और सहयोगात्मक निगरानी करने के लिए लाभान्वित करेगा, इस प्रकार त्वरित निर्णय लेने के लिए डेटा के विश्लेषण में मदद करेगा। कुशल संचालन क्षमता एकीकृत डेटा विज़ुअलाइज़ेशन, वास्तविक समय पर तथ्य का संयोजन और गहन विश्लेषण सुनिश्चित करेगी, जो विभिन्न हितधारकों को आवश्यकता के लिए तैयार करके, प्रतिक्रिया प्रयासों का समन्वय और प्रबंधन करने और शहर के संचालन की चल रही दक्षता को बढ़ाने में मदद करेगा।
आईसीसीसी में इंटरफ़ेस, ऑपरेशन का एक रियल टाइम और एकीकृत दृश्य देता है। समस्या के प्रतिक्रिया में तेजी लाने और परियोजना के समन्वय में सुधार के लिए शहरों से रीयल-टाइम में एजेंसियां जानकारी साझा कर सकती हैं। इसके अलावा, आईसीसीसी चुनौतियों का अनुमान लगाने और व्यवधानों के प्रभाव को कम करने में मदद करेगा। झाँसी स्मार्ट सिटी में मने गए समाधानों में सेंसर डेटा विश्लेषण, वीडियो डेटा विश्लेषण, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), नागरिक केंद्रित अनुप्रयोग, स्थानिक सूचना प्रबंधन पर आईसीटी समाधान शामिल हैं। जेएससीएल ने झाँसी में विभिन्न क्षमताओं में एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र के कार्यान्वयन के लिए केपीएमजी को मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर के कंसोर्टियम पार्टनर के रूप में नियुक्त किया था।
बैठक में जिलाधिकारी झाँसी/निदेशक झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटिड रविन्द्र कुमार, नगर आयुक्त झाँसी/सीईओ झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटिड श्री पुलकित गर्ग, उपाध्यक्ष झाँसी विकास प्राधिकरण आलोक यादव, अपर नगर आयुक्त मु. कमर सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।