** सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति – 2022 का जनपद में व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने के निर्देश
** उद्योग स्थापित करने हेतु उद्यमी प्रोत्साहन नीति का लाभ लेने हेतु आगे आएं
** नीतिगत निर्णय शासन द्वारा मार्ग निर्देशन के पश्चात ही लागू होना संभव, प्रकरण की जानकारी शासन को दिए जाने के निर्देश
** प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत केवीआइबी, केवीआईसी में अपेक्षाकृत प्रगति लाए जाने के निर्देश
** शासन की योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वयन हेतु बैंकर्स अपनी कार्यशैली को बदलें, ऋण वितरण में तेजी लाएं
** आपसी संवाद की कमी होने से इच्छुक उद्यमी योजनाओं के लाभ से वंचित,अधिकारी तत्काल संवाद करना सुनिश्चित करें
** मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में सुधार लाए जाने के निर्देश, 195 आवेदन पत्रों के सापेक्ष मात्र 37आवेदनों की ही स्वीकृति/ ₹ 68.02 लाख का वितरण
** स्टैंड अप इंडिया योजना के अंतर्गत एससी/एसटी महिला उद्यमियों को लाभान्वित किए जाने के निर्देश, योजना का प्रचार करते हुए प्रगति लाए जाने के निर्देश
** प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त,बैंक प्राप्त आवेदन का तत्काल निस्तारण करना सुनिश्चित करें
** निवेश मित्र पोर्टल पर लम्बित आवेदनों पर नाराजगी, संबंधित विभागों को तत्काल निस्तारण करने के निर्देश
** एमएसएमई इकाईयां भू-गर्भ जल के प्रबन्धन और विनियमन हेतु कैंप आयोजित कर पंजीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करें
** राइट आफ वे योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाएं,जनपद में लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करें
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने विकास भवन सभागार में जिलास्तरीय उद्योग बन्धु समिति की बैठक में अध्यक्षता करते हुये कहा कि नए उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को शासन द्वारा संचालित लाभकारी समस्त योजनाओं की जानकारी उन्हें मुहैया कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति नीति-2022 का जनपद में व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने के निर्देश दिए, इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित उद्यमियों को प्रोत्साहन नीति का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने बैंकर्स की शिथिल कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी व्यक्त की और सुधार लाए जाने के निर्देश दिए ताकि उद्योग स्थापित करने हेतु friendly atmosphere तैयार किया जा सके। उन्होंने उपस्थित बैंकर्स से कहा की नए उद्यमियों को योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उद्योग सर्जन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में उद्यमियों का उत्पीड़न बर्दास्त नही किया जायेगा।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने विकास भवन में आयोजित जिला उद्योग समिति की बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता बुन्देलखण्ड के चहुंमुखी विकास पर केन्द्रित है, अनेकों योजनायें केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा बुंदेलखंड क्षेत्र के नव सृजन हेतु संचालित की जा रही हैं, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के उद्यमियों को प्राप्त हो ताकि बुन्देलखण्ड में उद्योगों का सृजन हो और लोगों को रोजगार मिले। उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का समुचित लाभ क्षेत्र के उद्यमियों को नही मिल पा रहा है,यह उचित नही है, उन्होंने योजना की बिंदुवार जानकारी उद्यमियों को उनके व्हाट्सएप ग्रुप पर उपलब्ध कराए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बैंकर्स अपने कार्यो की स्वयं समीक्षा करें और उद्यमियों को योजनाओं का लाभ दिलायें, उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न लाभकारी योजनाओं के आवेदन बैंकों में अनावश्यक रूप से लंबित है और यदि बैंक द्वारा स्वीकृत कर भी दिए गए हैं तो वितरण के लिए अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया है, यह स्थिति स्वीकार योग्य नहीं है, तत्काल ऐसे आवेदनों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक में अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने उपस्थित उद्यमियों को सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 की जानकारी देते हुए बताया कि इस नीति का उद्देश्य प्रदेश को पूंजी निवेश के लिए आकर्षक बनाना और प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने हेतु एमएसएमई ईकाईयों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति के रोजगार सृजन में प्रतिवर्ष 15% की वृद्धि होगी और औद्योगिक विकास के माध्यम से क्षेत्रीय आर्थिक एवं सामाजिक संतुलन भी बेहतर होगा। उन्होंने नई प्रोत्साहन नीति के मुख्य आकर्षक बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि नीति अंतर्गत समस्त लाभ नेट जीएसटी से डि-लिंक होंगे, लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया का सरलीकरण के अतिरिक्त प्रथम बार पूंजी उपादान सहायता तथा नई इकाइयों के साथ विस्तारीकरण एवं विविधीकरण संबंधी इकाइयों को भी प्रोत्साहित करना है। जिलाधिकारी ने बैठक में उद्यमियों को नई प्रोत्साहन नीति की संपूर्ण गाइडलाइन को पढ़ने और लाभ लेने के लिए आगे आने का आव्हान किया ताकि क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति लाई जा सके।
निवेश मित्र योजना की समीक्षा करते हुये उन्होने निवेश मित्र पोर्टल पर लम्बित आनलाइन आवेदन पत्र पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जेडीए, यूपी सीडा व अन्य विभागों को तत्काल ऑनलाइन आवेदन पत्र को निस्तारण करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद की रैंकिंग आपके प्रपत्रों के निस्तारण न करने से प्रभावित हो रही है। उन्होंने निस्तारण समयावधि में किए जाने व योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता ना बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय उद्योग बन्धु समिति की बैठक में स्टैण्ड अप इण्डिया योजना की समीक्षा करते हुये कहा कि यह योजना सीधे बैंकों द्वारा संचालित की जाती है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की महिला उद्यमियों को योजना का अधिक से अधिक लाभ हो, इसके लिए योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग द्वारा उद्यमी महिलाओं को आगे लाए जाने का सुझाव दिया और निर्देश दिए कि जो भी आवेदन प्राप्त हो उनका समय से निस्तारण किया जाये ताकि महिला उद्यमियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो। योजना अंतर्गत 05 महिला लाभार्थियों को लगभग 83 लाख धनराशि ऋण स्वरूप वितरित की गई है, उक्त प्रगति पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया और अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने जाने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि लघु उद्यमी/व्यापारियों के लिए यह योजना बेहद लाभकारी है।उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनाअंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके व्यक्तियों को भी इस योजना अंतर्गत बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अतः जो भी आवेदन बैंक को प्राप्त हो उनको तत्काल स्वीकृत करते हुए ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ताकि ऐसे व्यक्ति स्वाबलंबी और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने वर्ष 2022-23 मई दिनांक 25 अगस्त तक 495 लाभार्थियों को 1584.29 लाख ऋण वितरण किया गया पर संतोष व्यक्त किया और निर्देश दिए कि इसमें और प्रगति लाई जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने एमएसएमई वार्षिक क्रेडिट प्लान के क्रम में ऋण समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विभागों के आपसी समन्वय और संवाद की कमी होने के कारण इच्छुक उद्यमी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसे कमी को तत्काल दूर किया जाए।उन्होंने कहा कि योजनाअंतर्गत अभी सुधार लाए जाने की जरूरत है,प्रगति अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने उपस्थित उद्यमियों से फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए आगे आने का आव्हान किया।उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में 788.00 करोड़ का लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 7365 लाभार्थियों को 18547.25 लाख योजना अंतर्गत वितरण किया गया है।
बैठक में भू-गर्भ जल के प्रबन्धन और विनियमन के सम्बन्ध में समस्त एमएसएमई इकाइयों जो कि 10 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन से कम जलदोहन करती है उन्हें अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं देना है परन्तु पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऐसी इकाइयों जिन्होने पंजीकरण नही कराया है, उन्हें सुविधा प्रदान करते हुए क्षेत्र में कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक इकाइयां अपना पंजीकरण करा सकें। उन्होंने कहा कि ग्राउंड वाटर को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
जिला उद्योग बंधु समिति बैठक में बिजौली से भगवंतपुरा बिजौली संपर्क मार्ग, धारा-143 यथा संशोधित धारा- 80 के अंतर्गत तहसीलों में परगनाधिकारी न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा, नगर निगम द्वारा औद्योगिक इकाइयों को जारी किए गए प्रॉपर्टी टैक्स/हाउस टैक्स देयता पत्र के संबंध में, उद्यम सारथी ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार, सौर ऊर्जा से संबंधित उद्यम हेतु विचार विमर्श आदि बिंदुओं पर भी विस्तृत चर्चा की , उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकरणों पर नीतिगत निर्णय शासन द्वारा मार्ग निर्देशन लेने के पश्चात ही संभव है अतः उक्त प्रकरण शासन स्तर पर प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुधाकर पांडेय,उपायुक्त उद्योग मनीष चौधरी, एलडीएम अजय शर्मा, बुंदेलखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स अमित सिंह, वीरेश्वर शुक्ला, संजय पटवारी राजेंद्र अग्रवाल, चौधरी फिरोज सहित अन्य उद्यमी/ व्यापारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।