गरौठा झांसी
सावन के बाद भादों का भी है विशेष महत्त्व भगवान कृष्ण से संबंधित है भादों माह का महत्व, रिपोर्ट मुबीन खान गरौठा
ग्रामीण एडिटर धीरेंद्र रायकवार
सावन की तरह भादों का भी है विशेष महत्व रक्षाबंधन के साथ ही सावन का महीना खत्म हो चुका है हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन के बाद भादो जिसे भाद्रपद महीना भी कहा जाता है शुरू हो रहा है। भाद्रपद चातुर्मास में आने वाला दूसरा महीना होता है भादों महीना भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेने से संबंधित है भगवान श्रीकृष्ण ने भादो के महीने में रोहिणी नक्षत्र के वृष लग्न में मथुरा में जन्म लिया था भादों का माह भी सावन की तरह ही विशेष महत्व रखता है इस माह को भी पवित्र माना जाता है इस माह में कुछ विशेष पर्व पड़ते हैं जिनका अपना अलग महत्त्व होता है भादों का महीना भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के लिए जाना जाता है जिस प्रकार सावन के माह में भगवान भोलेनाथ की आराधना की जाती है उसी प्रकार भादों में भगवान कृष्ण की भादो में ही जन्माष्टमी के बाद श्री गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता है यह उत्सव 10 दिनों तक चलता है इस दिन भगवान श्री गणेश की पूजा उपासना व्रत आदि किया जाता है इसलिए भी इस माह का बहुत महत्व है इसी माह में कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी तीज के नाम से भी जाना जाता है इस त्यौहार को विशेष रुप से मनाया जाता है इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं इसलिए सावन माह की तरह भादों का भी काफी महत्व है