जीरो लागत से कैसे करें खेती
ग्रामीण एडिटर धीरेंद्र रायकवार
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टहरौली ( झांसी ) प्राकृतिक खेती के सम्बन्ध में किसानों की एक बैठक आदर्श जनप्रिय इण्टर कालेज में आयोजित की गई। बैठक का बिषय किसानों को देशी पद्धति पर आधारित खेती करने और केमिकल युक्त खेती से छुटकारे के लिये प्रेरित करना था। अमरेन्द्र वर्मा पूर्णकालिक सदस्य जीरो बजट प्राकृतिक खेती निवासी जनपद बहराइच ने किसानों को बताया की कैसे एक देशी गाय से कैसे दस एकड़ की खेती की जाये और फसल पर आच्छादित कर के 90% पानी बचा कर 10% में खेती करें।21 से 26 सितम्बर रानी लक्ष्मीबाई पैरामेडिकल कॉलेज झांसी में प्राकृतिक खेती के जनक कहे जाने वाले सुभाष पालेकर की कार्यशाला के बिषय में भी बताया गया और किसानों को इस 6 दिवसीय शिविर में भाग लेने के लिये प्रेरित किया गया। बताया गया कि खेती की इस पद्धति के द्वारा असमय होने वाले रोगों और बीमारियों से बचा जा सकता है, गौरव खरे प्रकृतिक कृषक निवासी गुरसराय ने देशी गाय का महत्त्व और रसायनिक खेती क्यो हानिकारक है इसके बारे में बताया। इस मौके पर राजाराम उपाध्याय, गिरजा प्रसाद चौहान, अलख प्रकाश शर्मा, राष्ट्रपाल सिंह यादव, वीरसिंह यादव, ब्रकोदर सिंह यादव, मुन्ना लाल उपाध्याय, रवीन्द्र कुमार सोनी, महेंद्र सिंह घोष, राकेश शर्मा, डॉ मोनाराजा, नरोत्तम शर्मा, पुष्पेन्द्र पटेल, गोविंद प्रतीक, हरे कृष्ण नामदेव, भाग्यचन्द्र कुशवाहा, हरेन्द्र सोनी,राजपाल बुंदेला, अबध बिहारी, सुरेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।बैठक का संयोजन आशीष उपाध्याय ने किया । फोटो
टहरौली से रिपोर्टर -अवध बिहारी