मोंठ/झांसी – उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की लंबित मांगों को लेकर लेखपाल संघ ने आज तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया।
ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार
मामला झांसी जिले के तहसील मोंठ का है, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की एक अनुशासित संगठन है, लेखपाल संवर्ग की ज्वलंत समस्याओं को पत्राचार एवं वार्ता के माध्यम से अनुशासित रूप में शासन के समक्ष उठाता रहा है, राजस्व परिषद द्वारा लेखपाल संवर्ग की
उपयोगिता के दृष्टिगत उसकी जायज मांगे तथा वेतन उच्चीकरण एसीपी विसंगति पेंशन विसंगति लेखपाल सेवा नियमावली में संशोधन एवं पादपों में वृद्धि आदि के संबंध में सम्यक विचारों प्रांत संस्तुति सहित प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, शासन द्वारा शासनादेश निर्गत न होने के कारण मजबूरी बस अगस्त-सितंबर 2016 में लेखपाल को आंदोलन करना पड़ा। सितंबर 2018 को अधिकारियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री जी के साथ उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता में लेखपाल संवर्ग के 6 सूत्रीय मांग पत्र पर सहमति बनी और शीघ्र समाधान के निर्देश निर्गत किए गए। मुख्यमंत्री जी की सहमति एवं पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ द्वारा आंदोलन स्थगित किया गया। किंतु सरकार शासन द्वारा वादाखिलाफी की गई है। मार्च 2017 में नई सरकार के गठन के बाद 11 अप्रैल 2017 को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ प्रतिनिधि मंडल द्वारा समाधान का आश्वासन दिया गया। किंतु वेतन भत्ते एवं विसंगतियों और लेखपाल सेवा नियमावली में संशोधन आदि मांगों पर कोई परिणाम प्राप्त नहीं हुआ अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल संघ द्वारा शासन प्रशासन द्वारा की गई वादाखिलाफी के कारण लेखपाल संघ ने कलमबंद धरना प्रदर्शन जारी है। उक्त पूरे मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष जयहिन्द सिंह यादव ने दी।