मजदूर ने फांसी लगाकर दी जान
ग्रामीण एडिटर व्यूरो धीरेन्द्र रायकवार
हमीरपुर के करियारी गांव में एक मजदूर ने आर्थिक तंगी व साहूकारों के तकाजे से परेशान होकर फासंी लगा ली। जब तक परिजनों को जानकारी हुई उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोष्टमार्टम के लिये भेज दिया।
जरिया थाना क्षेत्र के करियारी गांव निवासी 38 वर्षीय रामजीवन पुत्र रामस्वरूप राजपूत ने बुधवार की रात अपने सूने घर में रस्सी करा फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जिस समय उसने फांसी लगाई परिवार के सभी सदस्य गांव में आयोजित यज्ञ के दौरान चल रही रामलीला देखने गये हुए थे। रात करीब बारह बजे जब उसकी पत्नी घर पहुंची तो पति का शव फांसी के फंदे पर झूलता हुआ पाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोष्टमार्टम को भेज दिया। मृतक के छोटे भाई सुनील कुमार ने बताया कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे रामजीवन ने गांव के साहूकारों से काफी कर्ज ले रखा था। जिसे चुकाने के लिये वह अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी व पुत्रों सक्षम 13 वर्ष तथा रिषभ 6 वर्ष के साथ दमन में रह कर मजदूरी करता था। गांव में चल रहे यज्ञ में शामिल होने के लिये बीते 16 मई को दमन से लौटा था। 27 मई को उसे वापस मजदूरी पर जाना था। बताया कि उसने साहूकारों से कर्ज ले रखा था जिसे चुकता करने के लिये साहूकार उस पर दबाव बना रहे थे। जिसके चलते उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।