रबी किसान मदरसा के दूरगामी नतीजे, अधिक से अधिक किसान पाठशाला का लाभ स्मारक:- मेमोरियल
** जिले में 12 से 29 दिसंबर 2025 तक 175 ग्राम से 175 ग्राम तक की पढ़ाई
**नवीनतम विद्वानों से संबंधित प्रयोगशालाओं में फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता
** गौ आधारित खेती के माध्यम से खेती की दोहरी लागत कम और उत्खनन होगी एवं भूमि में सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या में भी होगी कमी
** रबी विद्यालय में विभाग द्वारा गांव में दिए गए स्थान दलहनी इजीरिया के प्रदर्शन की भी दी गई जानकारी
जिले के किसानों के लिए शुक्रवार से विशेष मदरसा सजायी जा रही है, जहां अगले कुछ दिनों में अलग-अलग ग्रामों में हजारों अन्नदाताओं को कुशल प्रशिक्षण, किसानी से जुड़ी तकनीकी जानकारी के साथ-साथ सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ अलग-अलग संबंधित संप्रदायों की शिक्षाओं को भी शामिल किया जाएगा और उनके सिद्धांतों का हल निकाला जाएगा।
राज्य स्तर पर श्री मृदुल चौधरी ने अन्नदाताओं की भर्ती के लिए शासन स्तर से लगातार प्रयास किया जा रहा है, जिले में “द मिलियन फार्मर्स स्कूल-8.0” रबी किसान पाठशाला का आयोजन दिनांक 29 दिसंबर 2025 तक जिले के 175 ग्राम परिषद में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक किसान कार्यशाला में प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें, नवीन और आधुनिक तकनीक की जानकारी कोखेती, किसानी में महारत हासिल करते हुए अपनी आय की खेती करें।
किसानों की आय बढ़ाने और खेती-किसानी की लागत कम करने की अपील करते हुए कहा गया कि रबी किसान पाठशाला की महती भूमिका में किसानों को नई-नई तकनीकी शिक्षा के साथ शासन की योजना की जानकारी देते हुए खेती को आसान बनाने पर विस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि यंत्रों पर 50% से लेकर 60% तक का अनुदान शासन द्वारा दिया जा रहा है, उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि छोटे-छोटे किसान साथियों को चकाचौंध दिखाओ और कृषि यंत्रों का लाभ दो ताकि खेती के काम में सुधार के साथ ही किसानों की पढ़ाई आसान हो सके।
जिले में आज ग्राम पादरी विकास खंड बड़ागांव में ग्राम प्रधान श्रीमती विद्या देवी की अध्यक्षता में रबी किसान पाठशाला का शुभारंभ हुआ। उप कृषि निदेशक श्री एम पी सिंह ने रबी किसान पाठशालाओं में किसानों को नई-नई तकनीक और जानकारियां उपलब्ध कराईं, जिससे किसानों की फसल को और बेहतर बनाने के साथ-साथ खेती की गुणवत्ता बढ़ाने के विषय में जानकारी दी गई।
ग्राम पादरी विकासखंड बड़ागांव में आयोजित रबी किसान पाठशाला में दी गई जानकारी डीडी कृषि ने कृषकों को कृषि क्षेत्र में दी गई जानकारी, कृषि विभाग द्वारा दी गई अनुदानित लाभपरक मंजूरी जिसमें किसान सम्मान निधि, फार्मर पंजीकरण एवं साइना फेंसिंग के अतिरिक्त उद्घाटन के लिए विभिन्न एचपी के पंप आदि की अनुदानित राशि शामिल है।
रबी विद्यालय में डीडी कृषि ने बताया कि गौ आधारित खेती करने वाले किसानों को क्षेत्र का दौरा करने के लिए अधिकाधिक कृषकों को अपनाए जाने वाले तरीकों को अपनाने की सलाह दी जाती है। मदरसा में वैज्ञानिको द्वारा जीवामृत/धन जीवामृत तैयार करने का प्रदर्शन एवं बीजामृत से बीजामृत का शोधन करने की जानकारी दी गयी। रबी किसान पाठशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती के संबंध में प्रतिभाग करने वाले विस्तृत जानकारी देते हुए जीवामृत तैयार करने के साथ ही उसके उपयोग की विधि भी किसानों से साझा की गई।
रबी पाठशाला में विषय वस्तु विशेषज्ञ श्री दीपक कुशवाहा ने ग्राम पंचायत में आयोजित रबी पाठशाला में अधिक से अधिक किसानों को भाग लेने के लिए प्रेरित किया, उन्होंने ग्राम पादरी में कृषि विभाग द्वारा दलहनी खेती के प्रदर्शन की जानकारी दी।
रबी विद्यालय के प्रभारी श्री अन्गुस्वथ आश्रम ने विभाग द्वारा अनुदानित साइंटिफिक सिस्टम के माध्यम से अनुमोदित वित्तीय संस्थान का निरीक्षण किया।
इस मौके पर प्रगतिशील किसान श्री जगत पाल सिंह, श्री हरनारायण, श्री श्रीराम, श्रीगणेश, श्री काशीराम, श्री समिति सहित बड़ी संख्या में महिला क्रांतिकारी शामिल हैं।