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रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर परिक्षेत्र) द्वारा नव-दोहरीकृत बाँदा – डिंगवाही – खुरहण्ड रेलखंड का दो दिवसीय निरीक्षण संपन्न

ByNeeraj sahu

Dec 12, 2025
रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर परिक्षेत्र) द्वारा नव-दोहरीकृत बाँदा – डिंगवाही – खुरहण्ड रेलखंड का दो दिवसीय निरीक्षण संपन्न
उत्तर मध्य रेलवे के झाँसी मंडल द्वारा यात्री सुविधाओं के उन्नयन और परिचालन सुगमता हेतु मूलभूत ढांचे के विस्तार के क्रम में दो दिवसीय दौरे पर आए रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर परिक्षेत्र) श्री प्रणजीव सक्सेना ने दूसरे दिवस के कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण संरक्षा परीक्षण किया। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री हिमांशु गोस्वामी और मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार के साथ, श्री सक्सेना ने खुरहण्ड – डिंगवाही – बांदा रेलखंड पर नव-निर्मित दूसरी लाइन के कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के क्रम में, आज बांदा रेलवे स्टेशन पर संरक्षा सम्बंधित जाँच की गई। रेल संरक्षा आयुक्त ने पैनल, बैटरी कक्ष, ओएफसी (OFC) कक्ष और रिले रूम सहित दूसरी लाइन संस्थापन से संबंधित सभी नव-स्थापित उपकरणों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान ऑन-ड्यूटी स्टाफ से संवाद कर उनके तकनीकी ज्ञान और संरक्षा मानकों की समझ को परखा गया, साथ ही आयुक्त एवं उनकी टीम द्वारा संरक्षा प्रणाली पर विशेष ध्यान देते हुए सभी सुरक्षा एवं संरक्षा सामग्री से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की भी गहनता से जाँच की गई।
तत्पश्चात, श्री प्रणजीव सक्सेना ने मंडल एवं निर्माण संगठन के अधिकारियों के साथ डिंगवाही से बांदा तक नव-निर्मित डाउन लाइन का मोटर ट्रॉली के माध्यम से सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उक्त रेलखंड के अंतर्गत आने वाले ट्रैक्शन, सिग्नल, गेट, ब्रिज, ट्रैक, ट्रैक-पॉइंट्स, कर्व आदि सभी संस्थापनों और उनकी कार्य क्षमता का बारीकी से परीक्षण किया गया। खंड में पड़ने वाले प्रमुख (मेजर) एवं लघु (माइनर) पुलों का भी रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण उपरांत स्पीड ट्रायल गाड़ी से सफलतापूर्वक स्पीड ट्रायल किया गया। नवनिर्मित ट्रैक पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात  रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा डिंगवाही और खुरहण्ड स्टेशन का गहन निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के पश्चात् रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा अनुमति प्रदान के उपरांत इस खंड पर रेल संचालन शुरू होगा।
इस दोहरी लाइन के तैयार होने से झाँसी मंडल में ट्रेन संचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। दोहरी लाइन परिचालन से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर ट्रेनों को बिना रुकावट सुचारु रूप से चलाया जा सकेगा, जिससे यात्रियों का समय बचेगा तथा मालगाड़ियों की समयबद्ध आवाजाही में सुधार होगा। इससे क्षेत्रीय उद्योगों को तेज और विश्वसनीय परिवहन सुविधा प्राप्त होगी, जबकि सुरक्षा, स्थिरता और परिचालन दक्षता में भी वृद्धि होगी। लाइन क्षमता बढ़ने से भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन और समय-सारिणी के बेहतर पालन की संभावना भी सुदृढ़ होगी।
निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) श्री आशुतोष चौरसिया, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अमन वर्मा, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर श्री नरेन्द्र सिंह, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक श्री जे. संजय कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर/ईस्ट श्री आयुष श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री गिरीश कंचन सहित निर्माण विभाग के अन्य अधिकारीगण, पर्यवेक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
Commissioner of Railway Safety (North Eastern Circle) Concludes Two-Day Inspection of Newly-Doubled Banda – Dingwahi – Khurhand Rail Section
As part of North Central Railway’s continuous efforts to enhance passenger amenities and improve operational efficiency through expansion of core infrastructure, Commissioner of Railway Safety (North Eastern Circle) Shri Pranjeev Saxena conducted important statutory inspection on the second day of his two-day visit. Accompanied by Chief Administrative Officer (Construction) Shri Himanshu Goswami and Divisional Railway Manager Shri Aniruddh Kumar, Shri Saxena carried out a detailed inspection of the newly constructed second line on the Khurhand – Dingwahi – Banda rail section.
During the inspection schedule, safety-related examinations were conducted today at Banda Railway Station. The Commissioner thoroughly inspected all newly installed equipment associated with the second line, including the panel, battery room, OFC room and relay room. He also interacted with on-duty staff to assess their technical knowledge and understanding of safety standards. Additionally, the Commissioner and his team meticulously examined all essential documents related to safety and protection systems.
Thereafter, Shri Pranjeev Saxena, along with officials from the Division and Construction Organization, undertook an intensive motor-trolley inspection of the newly constructed down line between Dingwahi and Banda. During this inspection, all installations within the section—including traction systems, signals, level crossing gates, bridges, track, track points, curves and other infrastructure—were thoroughly assessed. Major and minor bridges falling in the section were also examined in detail. Following the inspection, a successful speed trial was conducted with the speed trial special train. The trial was completed at a maximum speed of 120 kmph on the newly laid track. Upon satisfactory completion of the inspection and subject to approval by the Commissioner of Railway Safety, train operations on this section will commence.
With the completion of this doubled line, Jhansi Division will see a significant rise in train-handling capacity. The double line will enable smooth and uninterrupted movement of trains on this important corridor, saving passengers’ time and improving punctual movement of freight trains. This will further benefit regional industries by providing faster and more reliable transportation, while also strengthening safety, stability and operational efficiency. The increased line capacity will support the introduction of additional train services in the future and enhance overall timetable adherence.
During the inspection, Divisional Railway Manager Shri Aniruddh Kumar; Senior Divisional Engineer (Coordination) Shri Ashutosh Chaurasia; Senior Divisional Commercial Manager Shri Aman Verma; Senior Divisional Signal & Telecom Engineer Shri Narendra Singh; Senior Divisional Operations Manager Shri J. Sanjay Kumar; Senior Divisional Engineer/East Shri Ayush Srivastava; Senior Divisional Safety Officer Shri Girish Kanchan; along with other officers, supervisors and staff of the Construction Department were present.
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रेल यात्रा के दौरान ज्वलनशील पदार्थों से सावधानी बरतें – सुरक्षा आपका अधिकार और कर्तव्य
भारतीय रेल अपने यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। हाल ही में कुछ यात्राओं में कूड़ेदानों या डिब्बों में रखे कूड़े में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं का मुख्य कारण यात्रियों द्वारा लापरवाही से जलती हुई सिगरेट/बीड़ी, माचिस की तीली या ज्वलनशील सामग्री का कूड़ेदान में फेंकना रहा है। यह न केवल रेल संपत्ति के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि सह-यात्रियों के जीवन को भी जोखिम में डाल सकता है।
झाँसी मंडल रेलवे यात्रियों से अनुरोध करता है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धूम्रपान और ज्वलनशील वस्तुओं से बचें। ट्रेन के डिब्बों, शौचालय या कूड़ेदान के आसपास धूम्रपान करना सख्त वर्जित है। इसके अलावा, पटाखे, स्टोव, केरोसिन, गैस सिलेंडर या अन्य किसी भी ज्वलनशील/विस्फोटक पदार्थ को ट्रेन में ले जाना गंभीर अपराध माना जाता है और इसके लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यात्रियों से यह भी अनुरोध किया जाता है कि कूड़ा सावधानीपूर्वक डालें। कभी भी जलती हुई सिगरेट, बीड़ी या माचिस की तीली को कूड़ेदान में न फेंकें। यह सुनिश्चित करें कि कूड़ेदान में डालने से पहले सभी वस्तुएं पूरी तरह से बुझी हुई हों। इस प्रकार की सावधानी न केवल आग से होने वाले संभावित नुकसान को रोकती है, बल्कि अन्य यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है।
यदि किसी यात्री को ट्रेन के अंदर धूम्रपान करते, ज्वलनशील सामग्री लेकर जाने वाले, या लापरवाही से जलती हुई वस्तु फेंकते हुए देखा जाए, तो तुरंत ट्रेन स्टाफ (टीटीई, गार्ड, पेंट्री स्टाफ), रेल सुरक्षा बल (RPF) या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। झाँसी मंडल रेलवे प्रशासन इस तरह की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखता है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार  ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसे को रोक सकती है। झाँसी मंडल और भारतीय रेल आपके और सह-यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपनी रेल और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।  किसी भी आपात स्थिति या अप्रिय घटना की जानकारी देने के लिए यात्री अखिल भारतीय सुरक्षा हेल्पलाइन 139 पर तत्काल संपर्क कर सकते हैं ।
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