*जालौन: देवर की शादी से पहले दिल दहला देने वाली घटना – महिला ने दो बेटियों संग आत्मदाह किया, तीनों की मौत*
जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के दाड़ी गांव से एक हादसा सामने आया जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। घर में देवर की शादी की तैयारियों के बीच 27 वर्षीय महिला ने अपनी दो मासूम बेटियों के साथ कमरे में बंद होकर आत्मदाह कर लिया। घटना में महिला और 7 वर्षीय बेटी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 5 वर्षीय छोटी बेटी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
*क्या था पूरा मामला?*
उरई के मोहाना की रहने वाली आरती की शादी लगभग 2017 में दाड़ी गांव के देवेंद्र से हुई थी। देवेंद्र पानीपुरी की सप्लाई का काम करता है, जबकि उसके दो भाई—पवन और जितेंद्र—यूपी पुलिस में दरोगा हैं।
घर में जितेंद्र की शादी की तैयारियाँ जोरों पर थीं। रविवार को हल्दी की रस्म हुई, जिसमें आरती सामान्य और खुश नजर आई। किसी को अंदेशा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद ऐसा दर्दनाक कदम उठा लिया जाएगा।
जबरा सूत्रों के मुताबिक रात करीब 11 बजे आरती और उसके पति देवेंद्र के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि तनाव पहले से भी बना रहता था।
विवाद के बाद आरती घर के बाहर जनरेटर के लिए रखा डीजल का कैन लेकर कमरे में गई, दरवाजा अंदर से बंद किया और अपनी दोनों बेटियों—पीहू (7) और सृष्टि (5)—के साथ खुद पर भी डीजल उड़ेलकर आग लगा ली।
*दरवाजा तोड़ा गया, पर देर हो चुकी थी*
परिवार के लोग धमाके जैसी आवाज और चीखें सुनकर पहुंचे। दरवाजा तोड़ा गया लेकिन आग बहुत फैल चुकी थी।
आरती और बड़ी बेटी पीहू की मौके पर ही मौत हो गई।
छोटी बेटी सृष्टि 70–80% तक झुलस चुकी थी, जिसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन सुबह इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
*फोरेंसिक जांच और शुरुआती निष्कर्ष*
सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर फोरेंसिक जांच कराई। कमरे से जली सामग्री, डीजल की गंध और प्लास्टिक कैन के अवशेष मिले।
प्रारंभिक जांच में मामला घरेलू विवाद के बाद आत्मदाह का लग रहा है।
*मायके पक्ष के आरोप*
मृतका के मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि—
आरती को ससुराल में मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी।
परिवार का माहौल तनावपूर्ण रहता था।
लंबे समय से उसे तंग किया जा रहा था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।
पुलिस मायके पक्ष के आरोपों की भी जांच कर रही है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयान दर्ज होने के बाद सामने आएगा।
*खुशियों के बीच मातम*
देवर की शादी के लिए जिस घर में रोशनी और उत्साह था, वहां एक ही रात में तीन अर्थियों ने सब कुछ बदल दिया। गांव में शोक और सदमे का माहौल है। यह घटना फिर सवाल खड़ा करती है कि घरेलू तनाव और मानसिक पीड़ा किस हद तक किसी को मजबूर कर सकती है।