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समथर महारानी लक्ष्मी बाई की जयंती बड़े धूमधाम पूर्वक मनाई गई

ByNeeraj sahu

Nov 19, 2024

समथर महारानी लक्ष्मी बाई की जयंती बड़े धूमधाम पूर्वक मनाई गई

मोठ शासन द्वारा चलाई जा रही मिशन शक्ति फेज 5 योजना के अंतर्गत कस्बा समथर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज समथर में महारानी लक्ष्मी बाई की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई आये हुए अतिथियो का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य भागवत नारायण तिवारी ने कराया जिसमे थाना प्रभारी समथर दिग्विजय सिंह उपनिरीक्षक रामदत्त पाठक कांस्टेबल विवेक यादव विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवत नारायण तिवारी एवं सभी महानुभावो ने रानी लक्ष्मीबाई के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पा अर्चन किया सभी महानुभावों ने महारानी लक्ष्मीबाई की शौर गाथाओं के बारे में भैया बहनों को बताया थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह ने बच्चों को बताते हुए कहा झांसी की रानी महान वीरांगना थी उन्होंने शास्त्रों के साथ-साथ शस्त्र की शिक्षा भी ग्रहण की और कम उम्र में अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया उन्होंने सेवक सेना का गठन किया 1857 की क्रांति में कुशल राजनीतिज्ञ का परिचय देते हुए 29 वर्ष की आयु में वीरगति को प्राप्त हो गई उप निरीक्षक रामदत्त पाठक ने स्वतंत्रता संग्राम की प्रथम दीप शिखा महारानी लक्ष्मीबाई की वीर गाथाओं का वर्णन किया तथामिशन शक्ति के बारे में भी बताया कांस्टेबल विवेक यादव ने साशन द्वारा चलाई जा रही मिशन शक्ति फेस 5 योजनाओं की जानकारी दी उन्होंने विस्तार से भैया बहिनो जानकारी दी उन्होंने कहा मिशन शक्ति की ब्रांड एंबेसडर महारानी लक्ष्मीबाई का उद्बोधन देते हुए बच्चों को बताया विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवत नारायण तिवारी ने महारानी लक्ष्मी बाई की वीरगाथाओं को गीत के माध्यम से बच्चों को सुंदर ढंग से बताया तथा मोबाइल फोन के सदुपयोग के बारे में बताते हुए मिशन शक्ति की भी जानकारी दी उन्होंने भारत के इतिहास में सबसे दमदार महिलाओं में रानी लक्ष्मी बाई का नाम शामिल है तथा उन्होंने भैया बहनों को उनकी वीर गाथाएं सुनाते हुए कहा बुन्देले हरबोलों के मुह हमने सुनी कहानी थी खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी आचार्या दीदी बहन मानसी साहनी ने रानी लक्ष्मी बाई के बारे में बताते हुएउन्होंने कहा इनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका और उपनाम मनु था बाद में उनका विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव से हुआ इस तरह रानी लक्ष्मीबाई झांसी की रानी बन गई
अंत में आए हुए सभी अतिथि महानुभावों का आभार विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवत नारायण तिवारी ने किया
इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य प्रमोद कुमार खरे मुन्ना लाल शर्मा भगवत कुशवाहा सत्येंद्र सिंह चौहान रमाकांत बादल प्रभाकांत मिश्रा अजय राठौर जयप्रकाश सोनकर अरुण खरे रवि लोकमान सुभाष दुबे बहिन मानसी साहनी बहन रानी बालौटिया आदि समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा

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