झॉसी। प्रख्यात वैज्ञानिक एवं देश की कृषि प्रसार नीतियों के निर्माता प्रोफ़े. अशोक कुमार सिंह कुलपति, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झाँसी ने पद संभालते ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अपनी प्राथमिकता बताई एवं विश्वविद्यालय को नई ऊंँचाइयों पर ले जाने हेतु अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने उच्च कोटि की शैक्षणिक एवं पाठयोत्तर गतिविधियों के साथ शोध एवं प्रसार को किसान के खेत पर ले जाने का आह्वान किया। डॉ सिंह ने बताया कि आई.सी.ए.आर. के विभिन्न संस्थानों राज्य एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय के समस्त परिसर स्वच्छ सुंदर एवं समस्त संसाधनों से युक्त होते हैं अतः हमें अपने विश्वविद्यालय को सर्वाेत्तम स्वच्छ एवं आदर्श राष्ट्रीय महत्ता के संस्थान के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को समय पालन की महत्ता बताते हुए परिसर में सभी के सहयोग से श्रमदान आयोजित करने का संदेश दिया। इसी श्रंखला में रविवार को सर्व स्वच्छता अभियान का शुभारंभ, राष्ट्रीय सेवा योजना, मेरी सामाजिक जिम्मेदारी एवं समस्त परिसर वासियों जिसमें छात्र-छात्राएं, संकाय सदस्य, वैज्ञानिकगण, अधिकारीगण श्रमिक एवं अन्य कर्मचारियों के सहयोग से किया गया। इसका ध्येय न केवल सभी में स्वच्छता के प्रति जागरूकता अपितु “हमारा विश्वविद्यालय स्वच्छता एवं ज्ञान का आलय बने”! इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं एवं अन्य 150 श्रमदानियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं विश्वविद्यालय द्वार से लेकर शैक्षणिक भवनों के अलावा विश्वविद्यालय परिसर में स्थित तालाब के चारों ओर के क्षेत्र को साफ किया। प्रोफे. अनिल कुमार निदेशक शिक्षा ने सभी को परिसर की स्वच्छता का ध्यान अपने स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए आवश्यक बताया एवं महात्मा गांधी के कथन का स्मरण कराया कि गंदगी फैलने से पहले सोचे कि इसको साफ करने वाला भी हमारे जैसा मनुष्य है। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ मुकेश श्रीवास्तव, छात्र कल्याण अधिकारी डॉ योगेश्वर सिंह, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ एस.एस. कुशवाह और डॉ पवन कुमार, डॉ. गरिमा गुप्ता, पदाधिकारी, मेरी सामाजिक जिम्मेदारी के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना की समन्वयक डॉ प्रियंका शर्मा आदि सेवादाताओं की सक्रिय भागीदारी रही कार्यक्रम के अंत में जलपान का वितरण किया गया।