नो कुण्डीय विष्णु महायज्ञ के सातवें दिन हुई पूर्ण आहुति सातवे दिन कथा वाचक ने बताया मित्रता का भाव
पूँछ झाँसी कस्बा क्षेत्र के ग्राम मबूसा में चल रहे नो कुण्डीय विष्णु माह यज्ञ के आज सातवे दिन महा यज्ञ की आज पूर्णाहुति हुई यगाचार्य रामकृष्ण मिश्र शास्त्री ओरछा धाम के द्वारा वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ अग्नि देव को मुख्य यजमान शकुन्तला हुकुम सिंह आदि यजमानों के द्वारा पूर्णाहूति प्रदान कराई गई भगवान नारायण विष्णु को समर्पित यज्ञ जो कि पिछले सोलह वर्षो से निरंतर ग्राम में प्रतिवर्ष आयोजित होता है यज्ञ के साथ ही संध्या के समय श्री मद भागवत कथा में कथा व्यास संतोष दुवे के द्वारा सप्तम दिवस की कथा में पारीक्षत बेनी बाई कोमल सिंह सहित भक्तों को सुदामा व भगवान कृष्ण की मित्रता के वर्णन को करते हुए वताया की सच्चा मित्र का हृदय सदैव अपने मित्र के लिए अति कोमल होता है बचपन का मित्र अगर राह चलता भी मिल जाये तो दूसरा मित्र प्रेम से भाव विभोर हो जाता है यहाँ जब सुदामा अपने बचपन के सखा भगवान कृष्ण से द्वारिका मिलने पहुंचे तो पहरेदारो ने उन्हें अंदर नही जाने दिया बार बार निवेदन करने पर जब एक सिपाही भगवान को सूचना देने के लिए जाता है तब उनके नाम का सिर्फ पहला अक्षर सु ही बता पाता है तभी भगवान कृष्ण सिंघाशन को छोड़कर नंगे पांव मित्र से मिलने के लिए दौड़े चले जाते है यज्ञ प्रांगड़ में रात्रि के समय भगवान श्री राम की रामलीला का भव्य आयोजन मंझे हुए कलाकारों के द्वारा किया जाता है जिसमे आज रावण बध का मंचन किया जाएगा बताते चले कि यज्ञ वेदी के लिए ग्राम के मंसाराम राजपूत भूमि दान दी थी इस दौरान मुख्य रूप से निर्पत सिंह, कमल सिंह, लालजीवन, पृथ्वी सिंह , मुकेश कुमार , करी मात, माखन लाल आदि मौजूद रहे।