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*रक्षाबंधन पर्व 12 अगस्त को ही शुभ एवं शास्त्र सम्मत :-ज्योतिर्विद पं. संजय रावत शास्त्री*

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Aug 7, 2022

*रक्षाबंधन पर्व 12 अगस्त को ही शुभ एवं शास्त्र सम्मत :-ज्योतिर्विद पं. संजय रावत शास्त्री*

जालौन:-रक्षाबंधन पर्व को लेकर एक बार फिर लोगो के मन में दुविधा पैदा हो गई है,क्योंकि कुछ पंचांग और कलेंडरो में 11अगस्त को रक्षाबंधन पर्व बताया जा रहा है।
जबकि सर्वमान्य काशी विश्व पंचांग मे स्पष्ट रूप से 12 अगस्त को ही श्रावणी उपाकर्म व रक्षाबंधन पर्व का उल्लेख है।

पूर्णिमा तिथि 11अगस्त को सुबह 9 बजकर 44 मिनट से प्रारम्भ होकर 12 अगस्त को प्रातः 7 बजकर 25 मिनट तक रहेगी।
11अगस्त को पूर्णिमा तिथि के आरम्भ से ही भद्रा काल भी रहेगा।
भद्रा काल में रक्षाबंधन पर्व मनाया जाना शुभ नहीं माना जाता है।
भद्रा काल 11 अगस्त को रात्रि 8 बजकर 34 मिनट तक है।
यदि 12 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व मनाना है तो रात्रि 8.34 के बाद मनाया जा सकता है।
बहुत जरूरी होने पर भद्रा पुच्छ के समय रक्षाबंधन पर्व मनाया जा सकता है। यह भी शास्त्र सम्मत है।
सम्मानित समस्त ब्राम्हण बन्धु श्रावणी उपाकर्म 12 अगस्त 2022 को सूर्योदय से पूर्व ही प्रारम्भ करे, पंचगव्य,प्रायश्चित स्नान आदि कार्यों से प्रातः काल ही निवृत्त हो जाए।

रविकांत द्विवेदी, जालौन-यूपी

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