यूजीसी नेट “नाट्य और रंगमंच” की संपूर्ण भारत वर्ष की पहली तीन पुस्तक लिखने हेतु मिला “इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड” – रिपोर्ट:- प्रदीप
बुंदेलखंड नाट्य कला केंद्र सिद्धेश्वर नगर आईटीआई झांसी के संस्थापक डॉ हिमांशु द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तकों को इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कर अवार्ड दिया गया है , थिएटर करने वाले युवाओं के लिए रंगमंच में अनेकों किताबें हैं परंतु यूजीसी नेट ड्रामा थिएटर की संपूर्ण हिंदुस्तान में कोई भी बुक नहीं है जिसे डॉ, हिमांशु द्विवेदी ने लिखी है, डॉ हिमांशु द्विवेदी ने एकादश नाट्य संग्रह (ग्यारह नाट्यसंग्रह) (UGC-NET Dance,Drama and Theatre), रंग दृष्टि (UGC-NET Dance,Drama and Theatre) एवं UGC NET Dance, Drama, Theatre (वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर) नाम से तीन किताबें लिखी हैं, यह हिंदी भाषा में पहली पुस्तकें है, इस किताब के माध्यम से छात्र-छात्राओं में रचनात्मकता आती है और वह न्यू कंसेप्ट पर काम कर पाते हैं, अभी तक हिमांशु द्विवेदी के मार्गदर्शन में 29 से अधिक विद्यार्थियों का संपूर्ण भारतवर्ष में यूजीसी नेट डांस ड्रामा थिएटर क्वालीफाई हुआ है इन तीनों पुस्तकों के माध्यम से वह एकेडमिक रूप से सक्षम बन पाते हैं और रंगमंच से रोजगार की तरफ उन्मुक्त होते हैं डॉ हिमांशु द्विवेदी ने लगभग 100 से अधिक ऑडियो और वीडियो लेक्चर यूजीसी नेट से संबंधित बनाए हैं जिन्हें वह यूट्यूब पर अपलोड कर रहे हैं जो यूजीसी नेट नाटक रंगमंच के पाठयक्रम से संबंधित लेक्चर है उन्होंने छात्र-छात्राओं को भी यूजीसी नेट से संबंधित पढ़ाया है अभी लॉकडाउन के दौरान विभाग की कक्षाओं से संबंधित 150 से अधिक क्लासेस ऑनलाइन जूम ऐप पर ली है यह एकादश नाट्य संग्रह किताब की 800 से अधिक प्रतियां रंगकर्मी खरीद चुके है,इन पुस्तकों में डॉ हिमांशु द्विवेदी ने नाट्यशास्त्र परिचय, नाट्यशास्त्र के अध्यायों का वर्गीकरण ,नाट्यशास्त्र के 11 अंग, रूपक भेद, इतिवृत्त विधान, नायक नायिका भेद, नाटक भेद, आदर्श दर्शक, ध्वनि सिद्धांत, प्रमुख संस्कृत नाटक, संस्कृत नाटकों में वर्तमान प्रासंगिकता, रामायण महाभारत का परिचय एवं उनकी नाट्य परंपरा, संस्कृत, हिंदी ,उर्दू, बांग्ला, मराठी, गुजराती, तमिल, कन्नड़, तेलुगू, अंग्रेजी आदि विषयों से संबंधित नाटक और उनके नाटककारो का वर्णन, प्रमुख रंग संस्थान ,रंगमंच की पत्रिकाएं ,रंगमंच समारोह ,सांस्कृतिक केंद्र आदि का वर्णन, रंगमंच से संबंधित प्रमुख सम्मान उनका वर्णन एवं उनके कलाकार आदि का वर्णन है, साथ ही 2,000 से अधिक वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर इन तीनों पुस्तकों में समाहित किए गए हैं! इन पुस्तकों के लिए डॉ हिमांशु द्विवेदी को राष्ट्रीय स्तर के अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं , हाल ही में इन पुस्तकों का विमोचन तानसेन समारोह के वादी संवादी कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ एवं प्रख्यात अभिनेता राजपाल यादव विक्रम कोचर एवं प्रसाद सिनेमा फिल्म समीक्षक कं कांस्य फिल्म फेस्टिवल के जूरी मेंबर वरिष्ठ पत्रकार अजीत राय ने भी इन पुस्तकों का विमोचन किया! इस महत्वपूर्ण उपलब्धि एवं साहित्य के स्तर पर किए गए महत्वपूर्ण कार्य हेतु इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए नामांकन किया गया है, इस उपलब्धि हेतु डॉ हिमांशु द्विवेदी को रंगकर्मियों ने बधाई दी है!