पढ़ने से ही फैलेगा घर-घर में उजाला-मुफ्ती इमरान नदवी
आॅल इण्डिया पयाम-ए-इन्सानियत फोरम पूरे हिन्दोस्तान में इन्सानियत का पैग़ाम देते हुए समाज सेवा में तन-मन-धन से लगा हुआ है। झांसी यूनिट भी समाज सेवा में अपना कर्तव्य पूरी ज़िम्मेदारी से निभा रहा है। कोई भी मुहिम अकेला नहीं चला सकता है। किसी भी मुहिम में जन-जन की भागीदारी भी ज़रूरी है। तभी कोई मुहिम कामयाब हो सकता है। फोरम के मैसेज को आमजन बखूबी समझ रहे हैं, सराह रहे हैं और फोरम के नुमाइन्दों की हौसला अफज़ाई भी कर रहे हैं। आॅल इण्डिया पयाम-ए-इन्सानियत फोरम गरीबों, बेसहारों, परेशान हाल, ज़रूरतमंदों, मरीज़ों के हित में लगातार अपनी सेवायें देता चला आ रहा है लेकिन अब फोरम ने ज़िन्दगी के अहम हिस्से पर अपनी दस्तक दी है। फोरम के झांसी यूनिट के तत्वावधान में आॅल इण्डिया पयाम-ए-इन्सानियत फोरम गाइडेन्स सेण्टर की आज जलसे के अध्यक्ष सीनियर डीईई आफताब अहमद ने फीता काट कर शुरूआत की। जलसे के अध्यक्ष सीनियर डीईई आफताब अहमद, मुख्य अतिथि एसोसिएट प्रोफेसर बीबीसी डा0 मोहम्मद अरूयूब अंसारी, विशिष्ट अतिथि एसएचओ महिला थाना श्रीमती अर्चना सिंह और डिप्टी इंजीनियर भेल राहुल जैन रहे। इन सभी अतिथियों ने इस मुहिम की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसमें सहयोग देने के लिए आश्वस्त किया।
मुफ्ती इमरान नदवी ने इस पर रोशनी डालते हुए कहा कि ज़िन्दगी को जो चीज़ बदल कर रख देती है वो है शिक्षा। शिक्षा का महत्व हर एक मज़हब में बताया गया है। देश और समाज की तरक्की तभी हो सकती है। जब समाज शिक्षित हो। अशिक्षा के अन्धकार में समाज गुमराह हो जाता है और उसे सही रास्ता नहीं मिलता है। शिक्षा इन्सान में जीने का सही रास्ता और तरीका बताती है लेकिन शिक्षा सभी को उपलब्ध नहीं हो पाती है। अभावों के कारण चाह कर भी कोई-कोई शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाता है और उसके दिल में सारी जिन्दगी एक कसक बनी रहती है कि काश उसे भी पढ़ने लिखने का मौका मिला होता। इसी काश को ख़त्म करने के लिए झांसी यूनिट ने भी शिक्षा क्षेत्र में सहयोग करने के लिए पहला क़दम बढ़ाया है। फोरम कक्षा 9,10,11 और 12 आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड के लिए गाइडेन्स के साथ ही टेक्नीकल जैसे इलेक्ट्रोनिक्स, इलैकट्रीशियन, फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, एएलपी, यूपीपीसीएल, डीएमआरसी, एलएमआरसी, बीएचईएल, एसएआईएल, आईएसआरओ, जेवीवीएनएल, आरवीयूएनएल, रेलवे और एसएससी आदि परीक्षाओं की तैयारी करवायेगा। ऐसे होशियार विद्यार्थी जो ज़रा सी गाइडेन्स पर कोई भी परीक्षा पास कर सकते हैं लेकिन भारी भरकम फीसें न भर पाने के कारण शिक्षा से दूर हो जाते है। फोरम ऐसे ही तालिबेइल्म को मदद करेगा क्योंकि यही हमारा पहला फर्ज़ है।
उन्होंने कहा कि आॅल इण्डिया पयाम-ए-इन्सानियत फोरम पूरे हिन्दोस्तान में बहुत ज़िम्मेदारी के साथ बिना किसी भेदभाव के इन्सानियत और भाईचारे का पैग़ाम दे रहा है। इसकी ज़रूरत लोग समझ रहे है और मदद के लिए खु़द-ब-खु़द आगे आकर फोरम की हौसला अफज़ाई कर रहे है। इस फोरम से वो लोग जुड़ रहे हैं जो सिर्फ और सिर्फ खिदमत-खल्के खु़दा करना चाहते हैं। उनको अपने नाम और शौहरत की दरकार नहीं है। यही वजह है कि फोरम हर दिल अजीज़ बनता चला जा रहा है। हम पुनः आव्हान और सभी लोगों से अपील करते हैं कि सभी लोग जो थोड़ी बहुत या जो भी मदद कर सकते हैं वो आगे आयें और बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
इस मौके पर मुफ्ती सिददीक नदवी, असिस्टेण्ट कमिशनर आरपीएफ नूर अहमद, इल्यिास अली भेल, मज़हर अली, सुनील नैनवानी, हाजी उमर अली, हाजी अब्दुल अजीज, राकेश मिश्रा, हाजी मज़हर, नईम अहमद, नईम खाॅ, गौरव रत्नाकर, हाजी आबिद अली, फैज़ान जु़बैर, इक़बाल खाॅ, इकराम खाॅन, मेवा लाल भण्डारिया, तारिक मकरानी, उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती इमरान नदवी ने किया और आभार मुफ्ती अफ्फान असअदी ने व्यक्त किया।