योगी सरकार में प्रशासनिक अधिकारी हुए बदजुबान व बेलगाम—-
ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार
मोंठ/झाँसी – मामला मोठ तहसील से संबंधित लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों की कलमबंद हड़ताल से उत्पन्न समस्या का है, स्कूली छात्र छात्राओं के आय जाति निवास न बन पाने के कारण परेशान छात्र छात्राओं की समस्याओं के निदान हेतु वैकल्पिक व्यवस्था कर आय जाति निवास बनाने हेतु बारसंघ अध्यक्ष गजराज सिंह जब मोंठ तहसीलदार के पास पहुंचे तो तहसीलदार मोंठ ने बारसंघ अध्यक्ष के साथ बदतमीजी व अभद्र भाषा में बात कर अपमानित किया। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह है कि जब बारसंघ के अध्यक्ष भाजपा में वर्तमान में उपाध्यक्ष को ही नहीं बख्शा तहसीलदार ने तो आमजन के साथ क्या व्यवहार करेंगे। कहने की आवश्यकता नहीं है, उक्त संबंधित ज्ञापन आज तहसील दिवस में मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ध्रुव सिंह परमार मंडल अध्यक्ष भाजपा मोंठ झांसी ने सौंपा व साथ ही स्कूली बच्चों के भविष्य को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था कर जाती निवास अविलंब बनाने की मांग की। व बद जुबान व बेलगाम तहसीलदार के आचरण में सुधार हेतु आवश्यक कार्रवाई के लिए भी मुख्यमंत्री से ज्ञापन के माध्यम से मांग की है।
क्या है मामले की सच्चाई, भाजपा के उपाध्यक्ष व वारसंघ के पूर्व अध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर क्या बोले तहसीलदार मोठ—
जब इस पूरे मामले पर हमारे संवाददाता धीरेन्द्र रायकवार ने तहसीलदार मोंठ से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उक्त भाजपा उपाध्यक्ष व बारसंघ के पूर्व अध्यक्ष भाजपा द्वारा उन पर रिश्तेदार के कुछ कार्य के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जिससे उन्होंने साफ इनकार कर दिया कि लेखपाल हड़ताल पर है में किसी भी प्रकार से यह कार्य नहीं कर सकता, जिससे उन लोगों ने मुझ पर ऐसे अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है और उन्होंने कहा कि अगर वह भाजपा के नेता है, तो वह जाकर शासन से ऐसा कोई निर्देश पारित करवाये जिससे लेखपाल हड़ताल पर रहे और आय जाति की कोई वैकल्पिक रूप से बनाने का निर्देश मुझे मिल जाये तो में कर दूंगा और मैं करने के लिए तैयार हूं। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जब शासन से कोई आदेश नहीं है तो मैं कैसे बैकल्पिक व्यवस्था कर सकता हूं।
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