झांसी / गर्मी का मौसम आते ही पानी के लिए के ग्रामों में मचा हाहाकार, पानी के लिए मची त्राहि त्राहि, मामला झांसी जिले के मोंठ ब्लाॅक के ग्राम अमरौख का है, जहां जल निगम की पानी की टंकी तो बनी है लेकिन पानी नहीं है, बताया जा रहा है कि लगभग एक हफ्ते पहले पानी की टंकी की मोटर खराब हो गई थी, जिसकी वजह से लगभग एक हफ्ते के आस-पास से गांव में पानी की आपूर्ति ठप्प है, वहीं ईद का त्यौहार पर पीस कमेटी की बैठक करके उप जिलाधिकारी ने पानी व सफाई व्यवस्था के दावे किए थे, लेकिन यहां इन दावों की पोल खुलती नजर आ रही है, कुछ ऐसे ही हालात है ग्राम अमरौख के, जहां ग्रामीणों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है, जहां एक हैडपम्प के सहारे आधा गांव पानी भर रहा है, वहीं ग्राम की ही समाजसेवी शिखा नामदेव का कहना है कि गांव में मात्र एक जल संस्थान की टंकी की पाइप लाइन के माध्यम से लोगों तक पानी की सप्लाई की जाती है, लगभग एक पहले अचानक पानी की टंकी की मोटर खराब हो गई, जिसके कारण लोग पीने के पानी के लिए तरस गए हैं, गांव में करीब 600 परिवार रहते हैं, सभी को जल संस्थान की टंकी द्वारा पानी की आपूर्ति की जाती है, मोटर खो जाने के कारण ग्रामीणों को लगभग एक हफ्ते से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है, काफी दूर चल कर लोगों को हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है इसकी शिकायत SDM से की, जिन्होंने जल्द से जल्द आपूर्ति सूचारू रूप से चालू होने का आश्वासन दिया है, वही जब इस पूरे मामले पर हमारे चैनल के ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार ने इस पूरे मामले की जानकारी SDM अशोक कुमार सिंह से करनी चाही तो वह बोले क्या आप विपक्ष के नेता है, जब उपजिलाधिकारी मोंठ को इस बात का एहसास दिलाया, महोदय मैं विपक्ष का नेता नहीं मैं एक पत्रकार हूं, और समाज का आईना हूं, और जनता की समस्याओं से आपको रूबरू कराना मेरा काम है, तो बोले सुधर जायेगी मोटर, और ग्राम प्रधान जल निगम सभी लोग मोटर को सुधरवाने में लगे हुए हैं कहके फोन काट दिया, जब उन्हें जनता की समस्याएं सुनना पसंद ही नहीं है तो फिर शासन ने उन्हें नियुक्त ही क्यों किया है, अब ऐसे में एक बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि एक जलकल विभाग की मोटर को सुधरवाने में ग्राम प्रधान से लेकर सभी अधिकारी लगे हुए हैं, लेकिन यह कोई बात नहीं हुई है SDM साहब का यह गोलमोल जवाब नजर आ रहा है क्योंकि यह पानी की टंकी जलकल विभाग की है और इसको सुधरवाने में आखिर ग्राम प्रधान और अन्य अधिकारी क्यों सहयोग करें, बस ऐसे ही कुछ ढुलमुल अधिकारियों की वजह से प्रशासन से जनता का भरोसा उठता जा रहा है।