मोंठ/झाँसी – वर्तमान मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई थी, कि पत्रकारों के साथ चाहे वह अधिकारी हो या संबंधित नेता पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन शायद यह भाषणों सुनने एवं कागजों में ही दफन हो कर रह गये है। जब मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उन्हीं के जनप्रतिनिधी द्वारा SSP कार्यालय प्रांगण में खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। तो और वह पत्रकार दबंग के विरोधियों को लेकर खुद एसएसपी कार्यालय पहुंचे और उनकी सिफारिश SSP विनोद कुमार सिंह से करने पहुंचे पत्रकारों पर भड़कते हुए बोले आप लोगों के वजह से मेरे संरक्षण में कार्य करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मेरे फोन करने के बावजूद भी जिस थानाध्यक्ष ने मामला पंजीकृत किया है। मैं उस थाने के थानेदार को जिले में ही नहीं रहने दूंगा, उनका ट्रांसफर करवा दूंगा, इस जिले में रहना दूभर कर दूंगा।
मामला झांसी जिले के तहसील मोठ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थाना समथर के ग्राम छपार का है। जहां बंदूक की नौक पर पत्रकार के मकान के सामने बलपूर्वक अपने मकान का दरवाजा कर लिया। जब इसकी शिकायत संबंधित थाने में की गई तो पूरे मामले की गहराई से जांच की गई। जो मामला सत्य पाए जाने पर समथर थानाध्यक्ष मनोज कुमार वर्मा द्वारा उक्त मामले को विभिन्न धाराओं में पंजीकृत किया गया। उसके बाद शुरू हुआ राजनीति का मामला। उक्त पुरे मामले को लेकर पीड़ित पत्रकार अपने साथियों के साथ एसएसपी कार्यालय झांसी पहुंचा वहीं पर पीड़ित पत्रकार के दबंग विरोधियों को लेकर जनप्रतिनिधि पहुंचे। जहां पर पत्रकार साथियों से उक्त पूरे मामले को दबंगई के दम पर उक्त दरवाजा करने वाले दबंगों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं होगी की चेतावनी उन्होंने सभी पत्रकारों को दी व SSP कार्यालय के सामने ही पत्रकारों पर भड़क उठे अपनी दबंगई की पराकाष्ठा पेश करते हुए कहने लगे कि आप लोगों ने मेरे संरक्षण में रहने वाले व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा लिखवाया है। सबसे बड़ी बात यह है कि जब मैंने संबंधित थानेदार को फोन किया था तो उन्होंने मुकदमा कैसे लिख दिया। में उस थानेदार को वहां रहने नहीं दूंगा और बोले कि मैं पत्रकारों से डरता नहीं हूं। और तुम लोग जो मुकदमा लिखवा रहे हो वह फर्जी है। आखिर थानेदार ने मेरे संरक्षण में रहने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला पंजीकृत किया है। वह अब उस थाने में क्या झांसी जिले में रह नहीं पायेगा ।