झांसीः इन दिनो सहकारी बैंक के सभापति पद के लिये चुनाव का मौसम चल रहा है। जोर आजमाइश के लिये सभी दल के नेता अपनी पैठ बना रहे हैं। सभी ने नामांकन कर दिया। सत्ताधारी दल भाजपा की नजर डायरेक्टर के साथ चेयरमैन पद पर है। बात यहां यह नहीं है कि किसको जीत या हार मिलती है। रोचकता इस बात को लेकर है कि नामांकन मे भाजपा मे अंदरखाने की राजनीति अपनो को पटकने के अंदाज मे आयी है, उससे पर्दे के पीछे बने वाली रणनीति सामने आने लगी है। यही कारण है किक नामांकन मे ही लाव लश्कर का प्रदर्शन हुआ और सूखी बुन्देली माटी मे गर्मी के मौसम मे पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है?
झांसी मे जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टरो के चुनाव के लिये विभिन्न समितियो के चुने गये प्रतिनिधि ही इस चुनाव को लड़ रहे हैं। विभिन्न क्षेतरो के 14 डायरेक्टर के लिये नामांकन हो गये है। नाम वापसी 7 मई तक है। चेयरमैन का पद यह डायरेक्टर करेगे। डायरेक्टर पद पर आसीन होने के लिये सभी दल अपनी ओर से तैयार हे। भाजपा ने भी कमर कस ली है।
जानकार बताते हे कि वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व जिलाध्यक्ष जयदेव पुरोहित चेयरमैन पद की दौड़ मे सबसे आगे हें। अब यहां उनकी दौड़ मे अपनो ने किस तरह से टांग फंसायी इसका उदाहरण आशीष उपाध्याय के नामांकन से देखी जा सकती।
जानकार बताते है कि उपाध्याय के नामांकन मे जिस अंदाज मे लाव लश्कर के साथ प्रदर्शन हुआ, वो भाजपा की शैली के हिसाब का नहीं था।
उपाध्याय अचानक फिल्म मे कैसे आ गये। इसको लेकर भी रोचक कहानी बतायी जा रही है। सूत्र बताते है कि उपाध्याय को भाजपा के दो विधायको का समर्थन मिल गया है। विधायक खेमे से मिली हरी झंडी के बाद उपाध्याय की गाड़ी सरपट दौड़ रही है। उन्हे संगठन का भी आशीर्वाद मिलने की बात कही जा रही है।
माना जा रहा है कि यदि उपाध्याय का निवार्चन होता है, तो मुखिया यानि चेयरमैन चुनने मे उन्हे पुरोहित को पछाड़ने का भरपूर मौका दिया जा सकता है। यहां यह देखना दिलचस्प है कि अब अपने ही अपनो को किस तरह से मात देते हैं।
वैसे भाजपा के अंदर गुटबाजी और एक दूसरे को पटकनी देने का पुराना अंदाज इस चुनाव मे नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहे इस बात पर है कि क्या उपाध्याय अपने अदाज से चुनाव जीत कर मुखिया बनते है या फिर…!