झांसी | गरौठा विधानसभा के पूर्व विधायक बृजेन्द्र व्यास उर्फ़ डम डम महाराज का अपना ग्लैमर रहा है | उनके द्वारा कार्य करने की शैली अलग तरह का प्रभाव छोड़ती है | एक समय उनकी बढ़ती हुई लोकप्रियता शायद बहुजन समाज पार्टी के नेताओं को रास नहीं आई बहुजन समाज पार्टी से निकाले जाना उनके राजनीतिक कैरियर को लोगों ने अंत समझ लिया | लेकिन उसके बाद जल्द ही विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ कर उन्होंने यह साबित किया कि उनकी लोकप्रियता जमीनी स्तर पर मजबूत है और सबसे खास चौंकाने वाली बात रही की राष्ट्रीय स्तर दल के प्रत्याशी अपनी प्रतिष्ठा भी नहीं बचा पाए जबकि डमडम महाराज दूसरे स्थान पर रहे और यह बात किसी से छुपी नहीं है कि पार्टी तथा जनता के सहयोग से कैलाश साहू विधायक बने उसके बाद पूर्व विधायक डमडम महाराज ने कांग्रेस का दामन थाम कर आगामी विधानसभा का चुनाव लड़ा है | जिसमें भारतीय जनता पार्टी के रवि शर्मा विजय रहे | उसके बाद निरंतर पूर्व विधायक डम डम महाराज अपनी जमीन पकड़ को मजबूत बनाने के लिए कार्य करते रहे | युवाओं में डमडम की अपनी लोकप्रियता है |
अभी 1 दिन पूर्व बसपा संस्थापक काशीराम साहब की पुण्यतिथि पर वह बहुजन समाज पार्टी के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंच पर नजर आए | जबकि औपचारिक रुप से पार्टी द्वारा इनकी पार्टी कार्यकर्ता के रूप में घोषणा नहीं की गई है | बहुजन समाज पार्टी का कार्यक्रम उनके विवाह स्थल में था तब उनका वहा होना कोई बड़ी बात नहीं है |
जब फोन पर डमडम महाराज से इसके विषय में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अभी आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई है लेकिन मैंने बसपा सुप्रीमो बहन जी के आदेश का पालन किया है | उन्हीं के कहे अनुसार मैं बहुजन बहुजन समाज पार्टी के कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ |
इस सन्दर्भ मे बसपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष जयपाल अहिरवार ने फोन पर बताया कि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है | जल्द ही डमडम महाराज की औपचारिक रूप से पार्टी सदस्य होने की घोषणा कर दी जायेगी | वही डमडम महाराज को मंच पर देखकर वर्षों से बहुजन समाज पार्टी में मेयर की तैयारी कर रहे प्रत्याशी कहीं ना कहीं सोचने पर मजबूर हो गए है | क्योंकि वर्तमान मे नगर की गलियों-मोहल्लों मे डमडम महाराज की भी मेयर टिकिट की कतार मे लगे होने की चर्चाएं जोरों पर है |
फिलहाल इस समय उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की स्थिति चिंताजनक है | क्योंकि पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने बसपा को अलविदा कहकर अन्य पार्टियों का दामन थाम लिया है | कहीं ना कहीं बहुजन समाज पार्टी अपने पुराने नेताओं को वापस ला रही है | यहां पार्टी और कार्यकर्ता दोनों की मजबूरी देखने को मिल रही है | एक और डमडम महाराज को भी अपनी राजनीतिक जमीन को पुख्ता करने के लिए बहुजन समाज पार्टी ही उनके लिए अंतिम विकल्प के रूप में नजर आ रही है |
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