झाँसी रेल मंडल द्वारा दिनांक 26.01.2026 को मंडल मुख्यालय स्थित सीनियर इंस्टीट्यूट में राष्ट्र का 77 वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंडल रेल प्रबंधक, झाँसी श्री अनिरुद्ध कुमार द्वारा राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुआ।
इसके उपरांत मंडल रेल प्रबंधक द्वारा रेल सुरक्षा बल की भव्य परेड का निरीक्षण कर सलामी ली गई। तत्पश्चात उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक महोदय द्वारा प्रेषित संदेश का वाचन करते हुए श्री अनिरुद्ध कुमार ने मंडल एवं उत्तर मध्य रेलवे की प्रगति, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।
इस अवसर पर आयोजित परेड में रेल सुरक्षा बल स्टाफ, डॉग स्क्वायड, डीजल स्टाफ, टिकट चेकिंग स्टाफ, गार्ड एवं लोको पायलट, मेडिकल स्टाफ, सी एंड डब्ल्यू स्टाफ तथा भारत स्काउट एवं गाइड के सदस्यों ने सहभागिता की।
परेड प्रदर्शन के पश्चात रेल सुरक्षा बल के जवानों, संरक्षा विभाग की नुक्कड़ नाटक टीम, रेलवे के स्कूली बच्चों एवं रेल कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रमों में देशभक्ति नृत्य, नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ स्वान दस्ते द्वारा विस्फोटक खोजने की विशिष्ट कला का प्रभावशाली प्रदर्शन भी किया गया।
इसके पश्चात मंडल रेल प्रबंधक महोदय द्वारा इंजीनियरिंग, परिचालन, वाणिज्य, सिग्नल एवं टेलिकॉम, यांत्रिक, कार्मिक, संरक्षा, रेल सुरक्षा बल, लेखा, विद्युत, स्टोर तथा चिकित्सा विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। ग्वालियर मेला में रेल प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए जनसंपर्क विभाग तथा टीम के अन्य सदस्यों को 10,000 रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्री नन्दीश शुक्ल, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) श्री पी.पी. शर्मा, महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती जया शर्मा सहित रेल परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा तिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े गए।
मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु विभिन्न विभागों को ₹50,000/- का नकद पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई। साथ ही राष्ट्र प्रेम से परिपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए रेलवे द्वारा संचालित बेतवा नर्सरी स्कूल, रानी लक्ष्मीबाई जूनियर हाई स्कूल, गांधी स्मारक जूनियर हाई स्कूल एवं बाल मंदिर जूनियर हाई स्कूल, झाँसी को ₹25,000/- प्रति विद्यालय पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
झाँसी माल गोदाम परिसर में भी 77वाँ गणतंत्र दिवस समारोह उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अमन वर्मा द्वारा ध्वजारोहण किया गया। समारोह में टिकट चेकिंग स्टाफ एवं वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट) श्री नीरज भटनागर, सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव, सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री पवन कुमार सहित वाणिज्य विभाग के निरीक्षक, पर्यवेक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
रेलवे की 2.7 हेक्टेयर पर मियावाकी पद्धति से होगा सघन पौधरोपण
झांसी रेल मंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक अनुबंध किया गया। यह अनुबंध मंडल रेल प्रबंधक, झांसी श्री अनिरुद्ध कुमार तथा मुख्य वन संरक्षक, बुंदेलखंड श्री एच. वी. गिरीश की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर झांसी रेल मंडल की ओर से श्री गौरव, वरिष्ठ मंडल अभियंता (ओ एंड एफ) तथा वन विभाग की ओर से विभागीय वन अधिकारी श्री नीरज आर्य द्वारा अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।
अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन श्री नंदीश शुक्ल ने अपने स्वागत उद्बोधन में बताया कि इस अनुबंध के अंतर्गत रेलवे की 3.39 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इसमें से 2.7 हेक्टेयर भूमि पर मियावाकी पद्धति से सघन वृक्षारोपण किया जाएगा। यह पद्धति सीमित क्षेत्र में कम समय में घने, स्वावलंबी और जैव-विविधता से युक्त वन विकसित करने में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।
मियावाकी पद्धति के अंतर्गत स्थानीय एवं देशज प्रजातियों के पौधों को अधिक घनत्व में रोपित किया जाता है, जिससे यह वन सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में लगभग 10 गुना तेजी से विकसित होते हैं। यह पद्धति कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण में सहायक है, वायु गुणवत्ता में सुधार लाती है, भू-क्षरण को रोकती है तथा पक्षियों, कीटों एवं अन्य जीव-जंतुओं के लिए प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराती है। प्रारंभिक देखरेख के बाद ये वन स्वतः विकसित होते हैं, जिससे दीर्घकालिक रूप से यह एक टिकाऊ एवं प्रभावी समाधान सिद्ध होता है।
यह अनुबंध संयुक्त राष्ट्र के
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप है, विशेषकर लक्ष्य-13 (जलवायु परिवर्तन से निपटना), लक्ष्य-15 (स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण) तथा लक्ष्य-11 (सतत एवं हरित शहर एवं समुदाय) की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि भारतीय रेल पर्यावरण संरक्षण को अपनी कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग मानते हुए निरंतर हरित पहलों को बढ़ावा दे रही है। रेलवे भूमि पर मियावाकी पद्धति से किया जाने वाला यह वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करेगा और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने में सहायक होगा। मुख्य वन संरक्षक श्री एच. वी. गिरीश ने अपने वक्तव्य में कहा कि रेलवे एवं वन विभाग के बीच यह समन्वय पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है। मियावाकी पद्धति शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे जैव-विविधता संरक्षण के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी सहायता मिलेगी। वन विभाग द्वारा 4 वर्ष तक संरक्षण भी किया जाएगा। उन्होंने इस सहयोग के लिए झांसी रेल मंडल की सराहना करते हुए इसे अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणादायी बताया।
झांसी रेल मंडल एवं वन विभाग के इस संयुक्त प्रयास से क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी, पर्यावरणीय गुणवत्ता में सुधार होगा तथा रेलवे की भूमि का उपयोग सतत एवं जनहितकारी उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किया जा सकेगा। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक इंफ्रा श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, वन संरक्षक श्री महावीर कौजलगी समेत सभी अधिकारीगण मौजूद रहे।
संशोधित समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12533 गोमतीनगर स्टेशन से प्रस्थान रात्रि 20:45 बजे करके, बादशाहनगर स्टेशन पर 20:55 बजे आगमन एवं 21:00 बजे प्रस्थान कर, ऐशबाग जंक्शन स्टेशन पर 21:23 बजे आगमन एवं 21:25 बजे प्रस्थान करेगी।
वापसी में ट्रेन संख्या 12534 (छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से प्रस्थान) ऐशबाग जंक्शन स्टेशन पर आगमन प्रातः 07:13 बजे एवं 07:15 बजे प्रस्थान कर , बादशाहनगर स्टेशन पर 07:30 बजे आगमन तथा 07:35 बजे प्रस्थान कर, गोमती नगर स्टेशन पर प्रातः 08:00 बजे पहुंचेगी।
इस ठहराव से ऐशबाग एवं आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को आवागमन में सुविधा प्राप्त होगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पूर्व समय-सारणी की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।