*जालौन अपडेट — इंस्पेक्टर मौत कांड में बड़ा खुलासा*
*तीन दिन में 100 से ज्यादा बातचीत… ज्यादातर वीडियो कॉल*
*आरोपी महिला सिपाही के पुलिस महकमे के बड़े अधिकारियों से गहरे संबंध*
जालौन :० कुठौंद थानाध्यक्ष अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत मामले में हर घंटे नए खुलासे हो रहे हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि घटना से ठीक तीन दिन पहले तक आरोपी महिला सिपाही और मृतक इंस्पेक्टर के बीच 100 से ज्यादा बार फोन पर बातचीत हुई, जिनमें ज्यादातर वीडियो कॉल शामिल थीं। यह तथ्य मामले को और अधिक उलझा रहा है।
*आरोपी के पिता का वायरल बयान: “लाली तू चिंता मत कर… हम छुड़ा लेंगे”*
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी महिला के पिता का कथित ऑडियो/वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपनी बेटी को भरोसा दिलाते दिख रहे हैं— “लाली तू चिंता मत कर… हम छुड़ा लेंगे।” इस बयान ने मामले को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या आरोपी को किसी राजनीतिक या विभागीय संरक्षण का भरोसा दिया जा रहा था?
*10 से ज्यादा इंस्पेक्टर–दरोगा स्तर के पुलिसकर्मियों से संपर्क*
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महिला सिपाही के 10 से ज्यादा इंस्पेक्टर और दरोगा स्तर के अफसरों से लगातार संपर्क थे। कई फोन रिकॉर्ड और चैट SIT ने कब्जे में ले लिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ कॉल डिटेल्स बेहद चौंकाने वाली हैं।
*गिरफ्तारी पर भी नहीं दिखी कोई घबराहट*
आरोपी महिला सिपाही को जब पुलिस टीम ने हिरासत में लिया, तो उसके चेहरे पर किसी भी तरह की घबराहट, डर या पश्चाताप के भाव नहीं थे।
उसका शांत चेहरा जांच टीम के लिए खुद एक बड़ा सवाल बन गया है— आखिर उसे किस बात का भरोसा था?
*SIT कर रही है मामले की जांच*
जालौन पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की जांच SIT को सौंप दी है, जो कॉल डिटेल्स, थाने के CCTV, मोबाइल डेटा और सभी बयानों की गहन जांच कर रही है। SIT यह भी खंगाल रही है कि— क्या यह मामला संदिग्ध संबंध, दबाव या विवाद का था?
मृतक इंस्पेक्टर पर किस प्रकार का तनाव था?
आरोपी महिला को किसने और क्यों संरक्षण दिया?
*परिजनों की मांग — हत्या का मामला, निष्पक्ष जांच जरूरी*
मृतक इंस्पेक्टर के परिजनों ने पुलिस महकमे पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें “आत्महत्या” का नहीं बल्कि “हत्या” का संदेह है। परिजनों ने आरोपी को जल्द सजा दिलाने और पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग की है।