खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने एवं श्री अन्न (मिलेट्स) के उपयोग हेतु किसान मेला दीनदयाल सभागार में संपन्न
*किसानों को पोषणयुक्त मिलेट्स तथा मक्का उत्पादन में नई तकनीकों से परिचित कराना*
*मिनी किट पंजीकरण हेतु किसानों और कृषक उत्पादक संगठनों से अधिक से अधिक पंजीकरण कराने की अपील*
*मिलेट मेला प्रदर्शनी में लगी विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया*
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झांसी : भारत सरकार द्वारा खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने एवं श्री अन्न (मिलेट्स) के उपयोग हेतु जन जागरूकता अभियान के तहत आज मुख्य विकास अधिकारी श्री जुनैद अहमद की अध्यक्षता में “किसान मेला सह प्रदर्शनी” का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में किया गया। किसान मेले में मा0 विधायक गरौठा श्री जवाहरलाल राजपूत, मा0 विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल की गरिमामई उपस्थिति रही।
मेले में सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा मिलेट मेला प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टालों का निरीक्षण किया तथा प्रदर्शित उत्पादों व तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इसके पश्चात अतिथियों द्वारा कार्यक्रम का विधिवत रूप से शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि ने बताया कि उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरुद्धार मिलेट्स मेला एवं त्वरित मक्का विकास योजना के तहत मक्का उत्पादन से संबंधित नई तकनीकों और जागरूकता पर केंद्रित इस कार्यक्रम बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस किसान मेले के आयोजन का उद्देश्य किसानों को पोषणयुक्त मिलेट्स के उत्पादन व उपयोग की जानकारी प्रदान करने के साथ ही किसानों को मक्का उत्पादन में नई तकनीकों से परिचित कराना था।
किसान मेले को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री जुनैद अहमद ने बुंदेलखंड से श्री अन्न के ऐतिहासिक जुड़ाव एवं वर्तमान परिदृश्य पर चर्चा करते हुए इसके स्वस्थ जीवन में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उर्वरक वितरण के पर्याप्त स्टॉक के बारे में किसानों को आश्वस्त किया। इस दौरान किसानों ने मंच से अपनी विभिन्न समस्याएँ भी साझा की, जिनका समाधान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में श्री अन्न के ऐतिहासिक व वर्तमान परिदृश्य पर चर्चा करते हुए इसके स्वास्थ्य व पोषण लाभ तथा उर्वरक वितरण में पर्याप्त स्टॉक की जानकारी भी प्रदान की।
कार्यक्रम में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को मिलेट्स (श्री अन्न) के पोषण मूल्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने उत्पादन वृद्धि के लिए विश्वविद्यालय के सहयोग की पेशकश की, जिससे समस्त कृषक भाइयों में उत्साह का संचार हुआ।
इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी ने किसानों की शंकाओं का समाधान करते हुए ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से मिनी किट के पंजीकरण के लिए किसान नेताओं एवं कृषक उत्पादक संगठनों से अधिक से अधिक पंजीकरण कराने का अनुरोध किया। श्री अन्न से संबंधित समस्याओं का समाधान भी वैज्ञानिकों द्वारा किया गया। उन्होंने जिनी किट पंजीकरण हेतु किसानों और कृषक उत्पादक संगठनों से अधिक से अधिक पंजीकरण कराने का अनुरोध किया। वैज्ञानिकों ने मिलेट्स से जुड़ी समस्याओं पर भी समाधान प्रदान किया।
अंत में जिला कृषि अधिकारी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए किसानों को श्री अन्न के अधिक से अधिक उत्पादन व उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। किसान मेला क्षेत्र में कृषि विकास व पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आया, जिससे किसानों में उत्साह एवं जागरूकता बढ़ेगी।
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी, कार्यक्रम संयोजक श्री अमित जैन, राजकुमार राजपूत, लल्ला सिंह, दीपक कुशवाहा, धर्मेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान भाई-बहनें उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन आशिमा खान, प्रवक्ता, सूरज प्रसाद राजकीय इण्टर कालेज ने किया।