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समूहों ने खोली महिलाओं की तरक्की की राह, स्वरोजगार अपनाकर महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर

ByNeeraj sahu

Sep 11, 2025
समूहों ने खोली महिलाओं की तरक्की की राह
स्वरोजगार अपनाकर महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर
राइज इंक्यूबेशन सेंटर ने सफल स्टार्टअप उद्यमी प्रतिभा डोंगरे को किया सम्मानित
       झांसी : स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं रोज नए-नए रोजगार अपना कर अपनी तरक्की की राह पर चल पड़ी है। आज स्मार्ट सिटी झांसी में स्टार्टअप उद्यमियों के कार्यक्रम में राइज इंक्यूबेशन सेंटर में उपायुक्त स्वतः रोजगार ब्रज मोहन अम्बेड द्वारा स्वयं सहायता समूह की प्रतिभा डोंगरे को सफल स्टार्टअप उद्यमी के लिए ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
       इस अवसर पर उपायुक्त स्वतः रोजगार श्री बृजमोहन अंबेड ने युवा स्टार्टअप उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा उद्यमी स्वरोजगार को अपना रहे हैं तथा  सफल स्टार्टअप उद्यमी के रूप में स्थापित कर रहे है। उन्हें सरकार द्वारा प्रशिक्षण से लेकर बैंक से वित्त पोषण तक हर प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन समूहों के माध्यम से ग्रामीण गरीब महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर न केवल उनकी गरीबी दूर करने में सफल प्रयास कर रहा है अपितु उनको हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन देकर सफल स्टार्टअप उद्यमी भी बना रहा है।
       मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में सरस शोरूम का पुनर्निर्माण के पश्चात इसमें बबीना  विकास खंड के गांव दुर्गापुरी के मां गायत्री स्वय सहायता समूह की महिलाओं द्वारा प्रतिभा डोंगरे के नेतृत्व में निपुण सिलाई केंद्र की स्थापना की है । समूह की अनेक महिलाओं को सीधा रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आमदनी का साधन उपलब्ध कराया है । महिलाओ को प्रशिक्षण देकर  सिलाई केंद्र में  महिलाओं के परिधान एवं जूट के बैग आदि बनाने का कार्य सफलता पूर्वक किया जा रहा है ।
      निपुण सिलाई केंद्र में हर रोज 10 से 15 महिलाएं कार्य कर रही हैं जहां पर महिलाओं के पेटीकोट, जूट के बैग ग़मछे आदि का निर्माण इन महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है।निर्मित उत्पादों की बिक्री स्थानीय स्तर पर विभिन्न विभागों एवं प्रतिष्ठानों से आर्डर प्राप्त कर की जा रही है तथा सुदूर गावों में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के सहयोग से इन उत्पादों को गांव-गांव में पहुंचाया जा रहा है। इससे सिलाई केंद्र में कार्य कर रही महिलाओं को अच्छी आमदनी होने के साथ-साथ उनकी बिक्री से अन्य महिलाओं को भी आमदनी प्राप्त हो रही है। सिलाई केंद्र को सरकारी विभागों  से आर्डर मिल रहे हैं 15 अगस्त के अवसर पर महिलाओं ने लगभग 2 लाख झंडों का निर्माण कर जनपद को आपूर्ति की जिनकी कीमत लगभग 30 लाख रुपए थी, इतना बड़ा ऑर्डर सफलतापूर्वक इन महिलाओं द्वारा समय पर पूरा करने से सरकारी विभागों में न केवल अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है, अपितु स्वयं उनमें भी आत्मविश्वास पैदा हुआ है।
           राइज इंक्यूबेशन सेंटर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सुश्री प्रतिभा को उनकी इस शानदार स्टार्टअप सफलता के लिए ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया तथा अन्य स्टार्टअप उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित  किया। ट्रॉफी पाकर प्रतिभा एवं उनकी सहयोगी महिलाओं रजनी, अमृता, पूनम, ममता, उर्मिला आदि द्वारा प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह सब मुख्य विकास अधिकारी श्री जुनैद अहमद के मार्गदर्शन से हासिल किया है। उन्होंने समय-समय पर प्रेरित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया  है। हम सभी उनकी बहुत आभारी हैं तथा प्राप्त कराई गई सहायता के लिए सरकार एवं प्रशासन के प्रति धन्यवाद देते हैं । प्रतिभा एवं उनके साथ कार्य कर रही समूह की  महिलाओं की यह सफलता अन्य समूह की महिलाओं के लिए प्रेरणा श्रोत तथा उत्साहवर्धक है। चितरी कला की कलाकृतियों से प्रारंभ किया सफ़र प्रतिभा ने आज  सफल स्टार्टअप उद्यमी के रूप में स्थापित किया है।
 सिलाई केंद्र पर समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित परिधान, बैग, चितेरी कलाकृतियां थोक एवं फुटकर बिक्री हेतु उपलब्ध हैं। महिलाओं द्वारा उत्पादों को खरीद कर हम उनके आत्म बल को मजबूत करने में सहयोग कर सकते है।
      इस अवसर पर राइज इंक्यूबेशन सेंटर के प्रबंधक अनिल कुमार, जिला मिशन प्रबंधक मनजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में युवा उद्यमी, महिलाएं उपस्थित रहे।
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