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उत्तर प्रदेश प्रगति करता है तो समूचे राष्ट्र की उन्नति सुनिश्चित होती है: कुलपति

ByNeeraj sahu

Sep 9, 2025

उत्तर प्रदेश प्रगति करता है तो समूचे राष्ट्र की उन्नति सुनिश्चित होती है: कुलपति

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में ‘समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

झाँसी, दिनांक 09.09.2025। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान “समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047” के अंतर्गत आज बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के हिंदी विभाग स्थित वृंदावनलाल वर्मा सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। संगोष्ठी की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश प्रगति करता है तो समूचे राष्ट्र की उन्नति सुनिश्चित होती है। उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे एवं BIDA जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स की चर्चा करते हुए कहा कि यह प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगे। विजन डॉक्यूमेंट @2047 का विजन यही है की हम सभी आगे बढ़ेंगे तभी हमारा जनपद, राज्य, देश भी आगे बढ़ेगा। युवाओं के कौशल का विकास ठीक से होगा तभी तो इस देश का विकास ठीक से होगा।

कुलसचिव राजबहादुर ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं संसाधनों का समुचित उपयोग विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। अंधविश्वास एवं पाखंड से मुक्त होकर विवेकपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। हमें कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे लोगों को जीवन जीने की कला आ जाए। अपने संसाधनों का सही उपयोग करना आ जाए। हमें अपने देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाना है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी प्रमोद अग्रवाल ने शिक्षा और शोध की गुणवत्ता पर बल देते हुए कहा कि शोध तभी सार्थक होगा जब वह समाजोपयोगी हो तथा प्राप्त निष्कर्षों को व्यवहार में लागू किया जाए।

पूर्व डीजी बी.के.मौर्य ने कहा कि सरकार की मंशा है कि विजन डॉक्युमेंट 2047 में हर नागरिक के विचार शामिल किए जाएं। बृजमोहन अम्बे, डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। इस अभियान का लक्ष्य यह समझना है कि युवा 2047 तक कैसा उत्तर प्रदेश चाहते हैं। डॉ. मुकेश गौतम, पूर्व कृषि निदेशक, पश्चिम बंगाल ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ ही  उन्हें उनके दायित्व का भी अहसास कराया जाए।

स्वागत एवं संचालन प्रो. मुन्ना तिवारी, अध्यक्ष हिंदी विभाग एवं पूर्व अधिष्ठाता कला संकाय द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, नीति आयोग के सहयोग से “विकसित उत्तर प्रदेश – 2047” का विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक जनपद में युवाओं से संवाद स्थापित कर स्थानीय विकास की रूपरेखा को आगे बढ़ाया जा रहा है। अतिथियों के प्रति आभार  डॉ. बी. बी. त्रिपाठी, निदेशक संस्कृत शोध पीठ द्वारा किया गया।

संगोष्ठी में  बड़ी संख्या में उपस्थित शिक्षकगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओ ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 की परिकल्पना पर अपने विचार व्यक्त किए।  कार्यक्रम में डॉ मुकेश गौतम, बी के मौर्या,  बृजमोहन अम्बे,  प्रो. पुनीत बिसारिया, डॉ. अचला पाण्डेय, डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी, डॉ. बिपिन प्रसाद, डॉ. नवीन चंद पटेल, डॉ. सुनीता वर्मा, डॉ. प्रेमलता श्रीवास्तव, डॉ. सुधा दीक्षित, डॉ. द्युति मालिनी, डॉ. रेणु शर्मा, डॉ. पूजा निरंजन, डॉ. गरिमा, डॉ. रामनरेश देहुलिया, डॉ. आशीष दीक्षित, रिचा सेंगर, कपिल शर्मा, आशुतोष शर्मा, आकांक्षा सिंह एवं जोगेंद्र कुमार सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

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