डॉ० संदीप के मुख्य आतिथ्य में धूमधाम से निकला गया 12वीं शरीफ का जुलूस, सांप्रदायिक सौहार्द का दिया संदेश
झाँसी। बारा वफात इस्लामी इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण त्यौहार है, क्योंकि इसी दिन हज़रत मोहम्मद का जन्म हुआ था। इस अवसर पर नबी-ए-करीम की सीरत (जीवन-चरित्र) को याद किया जाता है साथ ही उनकी दया, सहिष्णुता, ईमानदारी और न्यायप्रियता को अपनाने का संकल्प लेते हैं। बारा वफ़ात हमें यह संदेश देता है कि हम अपने जीवन में इंसानियत, भाईचारा, सत्य और करुणा के मूल्यों को स्थापित करें और समाज में शांति फैलायें। इस अवसर पर कई स्थानों पर जुलूस का आयोजन किया जाता है जलसे में बाढ़ पंजाब पीड़ितों के लिए सभी लोगों ने दुआएं मांगी गईं।तथा उलमाओं ने हजरत मोहम्मद साहब के जीवन पर प्रकाश डाला नबी के बताए रास्ते पर चलने का आवाहन किया गया तथा विभिन्न कमेटियों द्वारा सामूहिक रूप से 12वीं शरीफ ईद मिलादुन्नबी जलसा का आयोजन किया गया जो इलाहाबादी मोहल्ला से शुरू होकर हाट के मैदान होते हुए पानी की टंकी महाराज सिंह मोहल्ले में जाकर समाप्त हुआ। इस जलसे में मुख्य अतिथि के रूप में संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ० संदीप सरावगी को आमंत्रित किया गया मुख्य अतिथि के आगमन पर मोहम्मद हाजी शफीक, मोहम्मद आजाद, मोहम्मद रियाज खान द्वारा माल्यार्पण कर उनका स्वागत तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस जलसे में सभी का उत्साह देखते बन रहा था जगह-जगह जलपान की व्यवस्था भी की गई डीजे की धुन पर सभी थिरकते नजर आए जलसे में तिरंगा फायर गन का भी विशेष आकर्षण के रूप में प्रयोग किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में इम्तियाज हुसैन, अनीश अहमद, मुमताज, आजाद, हामिद, बंटी, इब्राहिम, लकी, इकरामउल,आशीष, वसीम, अंसार अली, जमील, शाकिर, वाजिद, अंसार, जावेद, सलीम, अनीश, शाहरुख, सोहिल, जीशान, अरमान, पुन्नू, इसूब, नाजिम, इसरार खान, रामदेव बाबा, हसन, गफू संघर्ष सेवा समिति से अनुज प्रताप सिंह,संदीप नामदेव ,महेंद्र रैकवार, राकेश अहिरवार, बसंत गुप्ता आदि उपस्थित रहे।