• Thu. Jan 29th, 2026

Jhansi Darshan

No 1 Web Portal in jhansi

जल सहेली भारत में नारी शक्ति और जल संरक्षण का प्रतीक

ByNeeraj sahu

Dec 23, 2024

जल सहेली भारत में नारी शक्ति और जल संरक्षण का प्रतीक

जालौन :० सुशासन सप्ताह, “प्रशासन गांव की ओर” के तहत बुंदेलखंड की जल सहेलियां आज न केवल पूरे देश बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। इन जल संरक्षक महिलाओं के कार्यों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने लोकप्रिय कार्यक्रम *मन की बात में सराहा है। इसी क्रम में आज रहिया अमृत सरोवर तालाब पर मिशन निदेशक, नेशनल वाटर मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार अर्चना वर्मा ने जल संचयन जन भागीदारी कार्यक्रम में जल सहेलियों से वार्ता कर कार्यों और उनकी भूमिका की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में अर्चना वर्मा ने कहा कि पहले पानी लाने के लिए बच्चियों को दूर-दराज के इलाकों में जाना पड़ता था, जिससे उनकी शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। उन्होंने उड़ीसा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहाँ की महिलाएं लघु सिंचाई योजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जल संरक्षण के लिए सरकार, स्वंय सेवी संस्था, प्रयासों से संभव है, इसके लिए जनभागीदारी जरूरी है। जल सहेलियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा, “आप सभी इस आंदोलन को और आगे बढ़ाइए और समाज को जल प्रबंधन के प्रति जागरूक कीजिए”
जिलाधिकारी राजेश पाण्डेय ने कहा, “जल का संचयन हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए जनसहभागिता बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, जल संवर्धन, जल संचयन के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत जल संचयन को प्राथमिकता दी जा रही है। मनरेगा जैसे कार्यक्रमों में जल संचयन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समुदाय के लोगों को इन योजनाओं में शामिल कर श्रमदान से जल स्रोतों का विकास किया जा सकता है। उन्होंने जल संरक्षण के लिए रामपुरा ब्लॉक में परमार्थ संस्था द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। परमार्थ संस्था के प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने जल सहेलियों के योगदान पर कहा, “इन महिलाओं के उत्साह को देखकर लगता है कि जल संरक्षण आंदोलन सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। इनका समर्पण समाज को प्रेरित कर रहा।कार्यक्रम के दौरान राहिया गांव में स्थित अमृत सरोवर तालाब का भ्रमण किया गया। यह तालाब जल प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। तालाब में पर्याप्त मात्रा में पानी भरा हुआ है और इसे मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया गया है। इस दौरान सैंकड़ों जल सहेली सहित ग्रामवासी मौजूद रहे।

Jhansidarshan.in