महिला उद्यमियों के सपनों को उड़ान देकर मण्डलीय सरस मेले का हुआ समापन
** सरस मेले में हुई रुपये की खरीददारी दीदियों को अवार्ड देकर किया सम्मान, अब 2025 में दोबारा होगा आयोजन
** महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाज़ार उपलब्ध कराना मेले का उद्देश्य:- जे0डी0सी0
** अर्बन हाट में 05 दिन से चल रहे मंडलीय सरस मेले का शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया
झांसी: सरस मेला समापन सत्र के मुख्य अतिथि संयुक्त विकास आयुक्त ऋषि मुनि उपाध्याय ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना मेले का मुख्य उद्देश्य था, जिसमें हम सफल हुए।
उन्होंने कहा कि सरस मेला ग्रामीण क्षेत्र के हुनरमन्दों के उत्पादों को बेचने का एक मेला है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले पुरुष एवं महिला कारीगरों को ग्राहकों से सीधे सम्पर्क करने का मौका मिलता है। सरस मेले में ग्रामीण इलाकों से आने वाले महिला स्वयं सहायता समूह के कारीगर अपने उत्पादों को बेचते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की आयोजनों से ग्रामीण महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना उत्पन्न होती है। जिस प्रकार हम घर में एक दूसरे का सहारा होते हैं ठीक उसी प्रकार यहां भी हम एक दूसरे के पूरक हैं।
सरस मेला समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद ने सरस मेले के आयोजन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि मेले में बाजिब दामों पर प्रमाणिक सामान मिलता है, बिचौलियों की जरूरत नहीं होती। इसके अतिरिक्त सरस मेले में राज्य और क्षेत्र की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलती है और जीविका दीदियों के हाथों की बनी सामग्री देखने को मिलती है।
उन्होंने कहा कि कम कीमत व अच्छी गुणवत्ता के उत्पाद स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं तथा कई अच्छे उत्पाद जनपद व मंडल से निकले हैं। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिला उद्यम संगम का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्वयं सहायता समूह व अन्य लोगों को बैंक ऋण की उपलब्धता व सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी।
उन्होंने बताया कि मेले में मंडल के 56 स्वयं सहायता समूह व विभागीय स्टॉल सहित कुल 62 स्टॉल लगाये गए। 05 दिनों में महिला स्वयं सहायता समूह की स्टॉलों पर बिक्री हुई, साथ ही उन्हें मेले में ऑर्डर भी प्राप्त हुए हैं।लगभग प्रत्येक स्टॉल पर बीस से पच्चीस हजार के ऑर्डर उन्हें मिले हैं, जो अच्छा संकेत है।
उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बृज मोहन अम्बेड ने बताया कि मेले में झाँसी, ललितपुर एवं जालौन के 48 स्वयं सहायता समूहों सहित डूडा के 08 महिला समूहों सहित कुल 56 समूहों ने प्रतिभाग किया, मेले में विभागीय स्टॉल भी लगाये गये।
जनपद झाँसी, जालौन व ललितपुर के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादित उत्पादों की प्रदर्शनी हेतु 05 दिवसीय मण्डलीय सरस मेले में प्रतिदिन बुन्देली कलाकारों द्रारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त मेले में म्यूजिक आर्टस के छात्र छात्राओं द्रारा संगीत कार्यक्रम भी हुए जिसमें महिलाओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया।
उपायुक्त एनआरएलएम ने बताया कि समूह समिति उज्जवल प्रेरणा लघु उद्योग सहित मण्डल के 56 स्वयं सहायता समूह जिसमें महिला कल्याण विभाग का सूचना केंद्र, मंजरी फाउण्डेशन, हैप्पी पॉट, कु.प्रतिभा डोंगरे रचनात्मक आर्टस, प्रवीण वर्मा मनुषा फूड्स प्र०लि०,उद्योग विभाग से राधे-राधे सॉफ्ट ट्वायज एवं श्रीराम चरन हस्तशिल्पी, बेकार को आकार भीमा फाउण्डेशन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की उद्घोषिका श्रीमती आशमा खान को विषेश सहयोग देने पर सम्मानित किया गया, इसके अतिरिक्त मेले में आज आर्य कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा बुंदेली विधाओं में नृत्य प्रस्तुतीकरण करने पर सभी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला प्रबन्धक एनआरएलएम सचिन वर्मा, नेहानेराम, मंजीत कुमार, गौरव भटनागर, कृष्ण कुमार व समस्त बी०एम०एम० सहित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं एवं उनके परिवारजन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी/ कर्मचारी उपस्थित रहे।