** फसल अवशेष जलाने की बढ़ती घटनाओं पर जिला प्रशासन सख्त
** पराली जलाने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ
** खेत में आग लगाने से मृदा का स्वास्थ्य भी होता है प्रभावित
** जानकारी के बाद भी पराली अवशेष जलाने पर 13 लाभार्थियों के राशन कार्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई
झाँसी: प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ श्री जुनैद अहमद ने जनपद की तहसीलों- मोंठ, सदर एवं टहरौली में किसानों द्वारा परंपरागत रूप से फसल अवशेष जलाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी जिलाधिकारी के निर्देश पर उक्त तीनों तहसीलों के समस्त ग्रामों में विगत 01 माह से लगातार जन जागरूकता अभियान कृषि राजस्व एवं विकास /पंचायत राज विभाग द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें फसल अवशेष जलाने से कृषि एवं पर्यावरण को होने वाले व्यापक दुष्परिणामों के बारे में विभिन्न माध्यमों से अवगत कराया जा रहा है।
इन सबके बावजूद कुछ लोगों की हठधर्मिता के कारण फसलों के अवशेष जलाने की घटनाएं सेटेलाइट के माध्यम से पकड़ी गई, जिन लोकेशन पर यह फसल अवशेष चलाने की घटनाएं हुई, उन सब दोषियों के खिलाफ इन दोषियों को प्राप्त हो रही सरकारी सुविधाओं/योजनाओं की जांच कर अब तक 13 लाभार्थियों के राशनकार्ड निरस्त करने की कार्यवाही की जा चुकी है।
प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा यह निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार अन्य कठोर कार्रवाई भी की जाए और यह कार्यवाही निरंतर जारी रखने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अधिकारी व कर्मचारी गण भ्रमण के दौरान लोगों को जागरूक करें खेत में पराली ना जलाएं। पराली जलाने से होने वाले नुकसान की भी जानकारी किसानों को दें ताकि किसान खेत में आग लगाने से बच सकें।