“राष्ट्रीय जेण्डर अभियान” के क्रियान्वयन हेतु जिला विकास अधिकारी की अध्यक्षता में उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न
** अभियान का उद्देश्य महिला एवं बाल हिंसा, असमानता एवं लैंगिक सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना
** राष्ट्रीय जेण्डर अभियान की थीम है- सहेंगे नहीं, कहेंगे।
** अभियान के सफल संचालन हेतु संबंधित विभाग अपने दायित्वों की पूर्ति गंभीरतापूर्वक करें
** महिलाएं आज देश एव समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही : जिला विकास अधिकारी।
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झाँसी : आज जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में शासन के निर्देशानुसार दिनांक- 25 नवंबर 2022 से 23 दिसंबर 2022 तक संचालित “राष्ट्रीय जेण्डर अभियान” के सुचारू रूप से क्रियान्वयन हेतु उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन विकासभवन सभागार में किया गया। कार्यक्रम में 92 स्वयं सहायता समूह की सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला विकास अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय जेंडर अभियान का शुभारंभ 25 नवम्बर 2022 को किया गया। इस अभियान की थीम है- सहेंगे नहीं, कहेंगे। अभियान के तहत सभी विभाग अपने दायित्वों के पूर्ति गंभीरता के साथ करें। इस अभियान का उद्देश्य महिला एवं बाल हिंसा, असमानता एवं लैंगिक सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान के प्रति लोगों को जागरूक करना अति आवश्यक है। महिलाएं आज देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। वर्तमान समय में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना सहयोग प्रदान कर महिला शक्ति को सुदृण एवं सफल बनाने का कार्य कर रही हैं। वर्तमान समय में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं समूह के माध्यम से अपना आर्थिक एवं सामाजिक विकास कर अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणादाई स्रोत बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं की जानकारी एवं महिलाओं की सुरक्षा तथा सम्मान हेतु सरकार द्वारा संचालित इस प्रकार की जानकारियां प्रदान करें जिससे महिलाओं के सामाजिक विकास में और अधिक वृद्धि हो सके साथ ही महिलाओं के साथ होने वाली हिंसात्मक घटनाओं पर भी अंकुश लग सके।
बैठक में उपायुक्त, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने बताया कि पूरे विश्व में महिलाओं के प्रति हिंसा, शोषण एवं उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं के उन्मूलन हेतु संयुक्त राष्ट्र के द्वारा प्रतिवर्ष 25 नवंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस- International Day for the Elimination of Violence against Women’ मनाया जाता है, जिसके अंतर्गत 25 नवम्बर 2022 से 23 दिसम्बर 2022 तक “राष्ट्रीय जेण्डर अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय जेण्डर अभियान का शुभारंभ दिनांक 25 नवम्बर 2022 को महामहिम राष्ट्रपति जी के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं के साथ होने वाली हिंसात्मक घटनाओं को पूर्ण रूप से नियंत्रित करना है। अभियान के तहत विकासखण्ड स्तर पर आवश्यक बैठकें आयोजित की गई, जिसमें जन-सामान्य को महिलाओं के साथ होने वाली हिंसात्मक घटनाओं पर नियंत्रण हेतु विधिक जानकारियां प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि भारत में लिंग आधारित हिंसा को परिभाषित दायरे में रखा गया है। लिंग आधारित हिंसा का शिकार अधिकांश रूप से महिलाओं को ही होना पड़ता है। इस प्रकार की हिंसात्मक घटनाओं के लिए अनेक कठोर कानून बनाए गए हैं किन्तु जागरूकता के अभाव में इन कानूनों की जानकारी न होने के कारण इस प्रकार की घटनाओं पर पूण रूप से नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसात्मक घटनाओं को रोकने के लिए लागू कानूनों की जानकारी प्रदान करना है।
बैठक के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अपने अनुभव एवं उपलब्धियों को साझा किया गया साथ ही राष्ट्रीय जेंडर अभियान के तहत विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से संरचनात्मक बाधाओं को दूर करके गरिमा पूर्ण जीवन के लिए महिलाओं और विविध व्यक्तियों पर हिंसा के अधिकारों को आगे बढ़ाने एवं बिना किसी भय और भेदभाव उनके लिंग और अंतः विषम पहचान के आधार पर तैयार रणनीति के बारे में प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी भी प्रदान की गई।
बैठक में उपायुक्त स्वतः रोजगार अजय कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी जगदीश राम गौतम, उप स्वास्थ्य अधिकारी, बाल विकास एवं परियोजना अधिकारी स्नेहा गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेंद्र कुमार पटेल, अग्रणी जिला प्रबंधक, प्रबंधक कौशल विकास मिशन आदर्श श्रीवास्तव, गौरव भटनागर व अन्य जिला मिशन प्रबंधक, व ब्लॉक मिशन प्रबंधक सहित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।
