शीत ऋतु के मद्देनजर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने नगर पालिका परिषद चिरगांव में रैन बसेरा का किया औचक निरीक्षण व अलाव के सम्बंध में दिए निर्देश
** रैनबसेरों/अस्थाई आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं सुव्यवस्थित करने के निर्देश, पेयजल/कंबल आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करें
** शीत ऋतु के मद्देनजर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश, किसी भी दशा में निराश्रित लोगो को नही दिया जाए खुले में सोना, पहुंचाए उनको नज़दीकी रैनबसेरे में
** ज़रूरतमंदों की मदद के लिए शहर के नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं हर ब्लाक व तहसील में संचालित होंगे रैन बसेरा
** निर्माण स्थलों पर कार्य करने वाले लेबरों के रहन सहन की व्यवस्था करने जिम्मेदारी होगी कार्यदायी संस्थाओ की, लेबरों की रहने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करके देना होगा प्रमाण पत्र
** हर पुलिस चौकी और डायल 112 को लिंक किया जाए रैनबसेरों से
शीत ऋतु के मद्देनजर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश एस ने नगर पालिका परिषद तहसील मोठ में स्थित रैन बसेरा का किया औचक निरीक्षण और दिए महत्वपूर्ण निर्देश।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जनपद की तहसील मोंठ अंतर्गत नगर पालिका परिषद चिरगांव में स्थापित रैन बसेरा का औचक निरीक्षण किया, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा यदि कोई भी असहाय/ निराश्रित खुले में सोता हुआ पाया गया तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारी व कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।शीत ऋतु दृष्टिगत अस्थाई रूप से लोगो के रहने की व्यवस्था तथा अलाव जलाने के लिए लकड़ी की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलवार और नगरीय क्षेत्रों में अलाव जलाने वाली लकड़ी का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों के लिए गोबर के उपलों की भी व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए। जिसके लिए गौ आश्रय केंद्रों से समन्वय करते हुए ज़रूरतमन्द लोगो को जलाने के लिए उपले भी उपलब्ध कराए जाएं।
ज़िलाधिकारी द्वारा समस्त उप ज़िलाधिकारियों को तहसील क्षेत्र में स्थाई व अस्थाई रैनबसेरों का निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल/कंबल आदि समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कर लिया जाए, इसके अतिरिक्त अस्थाई आश्रय स्थल में रुकने वालों का संपूर्ण विवरण पंजिका में भी दर्ज किया जाए। जनपद के रैनबसेरों में पानी व शौचालय आदि की व्यवस्था को विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि देखा जाता है कि बहुत सारे लोग रैन बसेरों की जानकारी के अभाव में भी मजबूरी में सड़कों पर सोते है। जिसके लिए उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियो और नगर निगम सहित समस्त निकायों को निर्देश दिया कि वह रैन बसेरों की सूची क्षेत्र के बस स्टैंड, दुकानों, होटलों और थानों के अतिरिक्त सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा करें। उक्त के साथ ही समस्त रैनबसेरों की सूची मोबाईल नम्बर सहित जनपद की वेबसाइट पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। रैनबसेरों की देख रेख के लिए एक-एक व्यक्ति की नियुक्ति प्रत्येक रैनबसेरे में सुनिश्चित की जाए।
ज़िलाधिकारी निर्देश देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट साइटों पर प्रायः बाहर से माइग्रेटेड लेबर लाकर कार्य कराया जाता है। परंतु उनके रहन सहन की व्यवस्था नही की जाती है। जिसके सम्बन्ध में ज़िलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए कि ऐसे सभी प्रोजेक्ट साइट अपने लेबरों के रहने, खान पान और सर्दी से बचाने के लिए सभी व्यवस्थाए तत्काल सुनिश्चित कराए। लेबरों के रहन-सहन की व्यवस्था करना कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी होगी, यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्यवाही की जाएगी।
शीत ऋतु के मद्देनजर जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार द्वारा कड़े निर्देश दिए गए कि निराश्रित लोगो को किसी भी दशा में सड़क पर या खुले में नही सोने दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि हर चौकी और डायल 112 को स्थाई एवं अस्थाई रैनबसेरों से लिंक किया जाए ताकि कोई अगर खुले में सोता मिले तो उसको तत्काल रैनबसेरे में पहुँचाया जा सके।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभ्रांत लोगो और जनपद वासियो से भी यह अपील की कि वह अगर कही पर भी ऐसे खुले में लोगो को सोते हुए देखे तो उनको रैन बसेरों में पहुचानें में मदद करे। साथ ही जिलाधिकारी ने लोगो से यह भी अपील की है कि जो लोग खुले में सो रहे है उन लोगो को कम्बल आदि समाग्री देने के बजाए रैन बसेरों में जाकर जो भी दान स्वरूप देना चाहते है या कम्बल आदि वितरित करना चाहते है वह वहां दे। जिलाधिकारी ने बताया रैन बसेरों की कमी नही है और यदि आवश्यकता पड़ी तो शीतलहर को देखते हुए और रैन बसेरे खोले जाएंगे।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश एस. सहित केयरटेकर व अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।

