
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पूणर् स्मृति में झाँसी किला एवं रानी महल पर भारतीय पुरातत्व सवेर्क्षण, झाँसी मण्डल, झाँसी, आई0 एन0 सी0 ए0 क्षेत्रीय केन्द्र रांची एवं ललित कला अकादमी क्षेत्रीय इकाई लखनऊ तथा जिला प्रशासन झाँसी के द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है ।
इस तारतम्य में झाँसी मण्डल झाँसी द्वारा दिनांक 18.06.2022 प्रातः 10ः00 बजे रानी महल परिसर में रानी को पुष्पाजंली अपिर्त कर श्रृद्धाजंली दी गयी। इस अवसर पर समाज सेवी एवं स्थानीय इतिहासकार डा0 मुकुन्द मलहोत्रा द्वारा इस अवसर पर रानीमहल के इतिहास एवं रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुये रेखांकित किया गया।
जुल्फेकार अली, निदेशक (भारतीय पुरातत्व सवेर्क्षण झाँसी मण्डल झाँसी), श्री समीर दीवान, उप अधीक्षण पुरातत्वविद्, मनोज कुमार वमार् सहायक अधीक्षण पुरातात्विक अभियन्ता,नीरज तिवारी सहायक अधीक्षण पुरातात्विक अभियन्ता, एवं झाँसी मण्डल के कमर्चारियों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई को श्रृद्धाजंली दी। इस अवसर पर रानी महल के ऊपरी तल पर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई से सम्बन्धित विषय पर छाया चित्र प्रदशर्नी लगायी गयी है, जो इस प्रदशर्नी के माध्यम से रानी से सम्बन्धित महत्वपूणर् दस्तावेजों जैसे- रानी के द्वारा अंग्रेजो के विरूद्ध राजा मदर्न सिंह को लिखा गया पत्र एवं राजा मदर्न सिंह द्वारा लिखा गया पत्र का उत्तर, महारानी से सम्बन्धित हथियारों के छायाचित्र आदि प्रदशिर्त किये गये है। इस अवसर पर झाँसी पर हुये आक्रमण एवं वषर् 1857 की क्रान्ति एवं रानी लक्ष्मीबाई के द्वारा किये गये संघषर् से सम्बन्धित डाक्यूमेंटरी को दिखाया जा रहा है। छायाचित्र प्रदशर्नी 15 जुलाई 2022 तक प्रदशिर्त की जायेगी।
इस अवसर पर ललित कला अकादमी क्षेत्रीय इकाई लखनऊ द्वारा तीन दिवसीय पेन्टिग कायर्शाला का आयोजन एवं साथ ही साथ महिला स्वतंत्रा सेनानियों के ऊपर एक प्रदशर्नी का भी आयोजन इनके द्वारा किया गया है। रानी महल मे उपरोक्त कायर्शाला का उद्घाटन डा0 अजय शंकर पाण्डेय कमिश्नर झाँसी द्वारा किया गया।
आई0 एन0 सी0 ए0 क्षेत्रीय केन्द्र रांची द्वारा झाँसी किले पर स्थित पंचमहल में सन् 1857 की महाक्रान्ति पर आधारित छायाचित्र का आयोजन किया गया है जिसमे भारत के प्रथम स्वतंत्रा सग्राम के महत्व को विशेष रूप से प्रदशिर्त किया गया है। प्रदशर्नी का उद्घाटन अनुराग शमार् सांसद झाँसी, ललितपुर द्वारा किया गया जो कि प्रदशर्नी 15 जुलाई 2022 तक लगी रहेगी।
इस अवसर पर डा0 आनन्द वधर्न वरिष्ठ आचायर् डा0 बी0 आर0 अम्बेडकर विश्वविद्यालय द्वारा अपने व्याख्यान के माध्यम से प्रथम स्वतंत्रा संग्राम एवं रानी लक्ष्मीबाई के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया।
किले के विभिन्न महत्वपूणर् स्थलों पर महारानी लक्ष्मीबाई सांय 7ः00 बजे सात हजार पाॅच सौ दीयों को प्रज्वलित कर दीपाजंली दी जायेगी जिसमे स्थानीय प्रशासन, भारतीय पुरातत्व सवेर्क्षण झाँसी मण्डल, झाँसी विभिन्न स्कूलों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं की भागीदारी भी रहेगी ।