झांसी l अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयवर चौहान ने 01 अप्रैल से प्रारम्भ किये जा रहे गेहूं खरीद कार्य की सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए कृत संकल्पित है। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2017 से निरन्तर किसानों को व्यापक स्तर पर मूल्य समर्थन योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में एम0एस0पी0 के अन्तर्गत गेहूं क्रय वर्ष 2022-2023 में खरीद का कार्य सुचारु ढंग से संचालित किया जाए।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने विकास भवन सभागार में आयोजित एक बैठक में गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रबी विपणन वर्ष 2022-2023 में न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति कुन्तल के आधार पर गेहूं की खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों से गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किया जाए। गेहूं खरीद में बिचौलियों की संलिप्तता किसी भी दशा में न होने पाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को अपनी उपज बेचने में अधिक समय तक इन्तजार न करना पड़े। गेहूं क्रय केन्द्रों पर किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनका भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए। गेहूं क्रय केन्द्रों पर किसानों के बैठने, छाया एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। जिले में क्रय केन्द्रों का निर्धारण इस प्रकार किया जाए,कि किसानों को अपनी उपज की बिक्री के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े। गेहूं क्रय केन्द्र के लिए पथ प्रदर्शक चिन्ह अवश्य लगाए जाएं। गेहूं क्रय केन्द्र की स्थापना के स्थानों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाए। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने कहा कि प्रत्येक क्रय केन्द्र पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, विनोइंग फैन तथा छलना आदि उपकरण अवश्य रखे जाएं। गेहूं के सुरक्षित भण्डारण के लिए भी सभी व्यवस्थाएं की जाएं। क्रय किया गया गेहूं वर्षा से प्रभावित न होने पाए, इसके लिए गेहूं क्रय केन्द्रों पर शेड का प्रबन्ध भी किया जाए। बैठक में उन्होंने अवगत कराया गया कि क्रय केन्द्रों पर खरीद ई-पॉप मशीनों के माध्यम से पंजीकृत किसानों अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधि के बॉयोमैट्रिक सत्यापन के आधार पर की जाएगी। उन्होंने गेहूं क्रय केंद्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराना सुनिश्चित कराएं ताकि किसान को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल सके।उन्होंने बताया कि किसानों के बैंक खाते को आधार से अवश्य लिंक कराया जाए ताकि किसानों को क्रय मूल्य का भुगतान उनके आधार लिंक बैंक खाते में हस्तांतरित किया जा सके। बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में 81 के सापेक्ष 64 विभिन्न एजेंसियों के केंद्र खोले जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है, शेष के लिए एसडीएम से सुझाव मांगा जा रहा है यदि आवश्यकता हो तो केंद्र खोले जा सके उन्होंने बताया कि विभिन्न एजेंसियों से भी गेहूं क्रय केंद्र खोले जाने हेतु प्रस्ताव मांगे गए हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्ष 2021-22 में 93344.60 मेट्रिक टन गेहूं खरीद की गई थी, वित्तीय वर्ष 2022-23 में अभी लक्ष्य निर्धारण नहीं हुआ है। बैठक में उन्होंने उपस्थित समस्त केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि छोटे किसानों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें खरीद में प्राथमिकता दी जाए तथा उनके खातों में 72 घंटों में धनराशि पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि यदि गेहूं रिजेक्शन करते हैं तो रिजेक्शन की जानकारी ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन देना भी दिया जाना है,यदि रिजेक्शन की जानकारी ऑनलाइन नहीं दी जाती है तो गेहूं को का रिजेक्शंस नहीं माना जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद में बारदाना और भंडारण की समस्या नहीं है अतः किसी भी दशा में खरीद बाधित ना हो इसे केंद्र प्रभारी अवश्य सुनिश्चित कर लें। इस मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम मोंठ श्रीमती सान्या छाबड़ा, सहायक निबंधक सहकारिता अनूप कुमार द्विवेदी, एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी, मऊरानीपुर अंकुर श्रीवास्तव, टहरौली राजकुमार, गरौठा जीतेंद्र सोनवाल सहित विभिन्न एजेंसियों के पदाधिकारी व केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।